कोंच: प्राचीन गढ़ी मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, ‘तिल चौथ’ पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए भगवान लंबोदर के दर्शन

कोंच (जालौन)। नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री गणेश मंदिर गढ़ी पर मंगलवार को माघ गणेश चतुर्थी (संकट चौथ) के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर तड़के से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई, जहाँ हजारों भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
दशकों पुरानी परंपरा का निर्वहन
श्री गणेश सेवा समिति (प्राचीन मंदिर गढ़ी) के तत्वाधान में आयोजित यह मेला पिछले कई दशकों से श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मेले के दौरान सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्था संभालने के लिए समिति के पदाधिकारी सक्रिय रहे। भक्तों ने भगवान गणेश को तिल के लड्डू और दूर्वा अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
संकट निवारण का महापर्व: ज्योतिर्विद का मत
प्रसिद्ध ज्योतिर्विद पं. संजय रावत ने इस पर्व की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की इस चतुर्थी को ‘तिल चौथ’, ‘संकष्टी चतुर्थी’ और ‘वक्रतुंडी चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन ही भगवान गणेश की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए इसे ‘श्री गणेशोत्पत्ति’ दिवस भी कहा जाता है।
पं. रावत के अनुसार, “संकष्ट” का अर्थ है भारी कष्ट या विपत्ति। इस दिन व्रत रखने और संकट माता व गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी बड़े संकटों का निवारण होता है।
मेले में दिखा उत्साह
मंदिर परिसर के बाहर लगे मेले में बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। तिल से बने व्यंजनों और प्रसाद की दुकानों पर विशेष भीड़ देखी गई। पूरी गढ़ी क्षेत्र “जय श्री गणेश” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
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