​जालौन: पात्रों को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक न करें हीलाहवाली – जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय

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कलेक्ट्रेट सभागार उरई में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम राजेश कुमार पाण्डेय, स्वनिधि योजना की समीक्षा बैठक जालौन।

उरई (जालौन): जनपद के विकास और स्वरोजगार को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ और राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना’ की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैंकों में लंबित पड़े आवेदनों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और बैंक प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: रेहड़ी-पटरी वालों को मिले संबल

​बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी (डूडा) को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत शहर के अंतिम पायदान पर खड़े रेहड़ी-पटरी संचालकों और छोटे व्यापारियों को चिन्हित कर उन्हें अनिवार्य रूप से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि छोटे व्यापारियों के आवेदन बैंकों में छोटी-छोटी कमियों के कारण लंबे समय तक लंबित रहते हैं।

​डीएम ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • ​लंबित प्रकरणों का निस्तारण अगले एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
  • ​ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए।
  • ​बिना किसी ठोस तकनीकी कारण के आवेदनों को निरस्त न किया जाए।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान: युवाओं के सपनों को मिले उड़ान

​प्रदेश सरकार की नई पहल ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान’ पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना जनपद के शिक्षित और ऊर्जावान युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने बैंक प्रबंधकों से कहा कि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति की जाए। युवाओं द्वारा दिए गए ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोसेस किया जाए ताकि वे अपना उद्यम समय पर शुरू कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि यदि युवाओं को समय पर आर्थिक मदद मिलेगी, तभी जनपद में औद्योगिक वातावरण तैयार होगा और पलायन रुकेगा।

विभागीय समन्वय और चेतावनी

​जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का सफल क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बैंक और संबंधित विभागों (डूडा व उद्योग विभाग) को आपसी समन्वय बेहतर करने की सलाह दी। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा:

​”सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिले। यदि योजनाओं के संचालन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित बैंक अधिकारी और विभागीय कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।”

बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी

​समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह ने भी योजनाओं की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल, लीड बैंक मैनेजर (LBM) अनुराग सक्सेना सहित जनपद के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए गए कि वे सभी शाखा प्रबंधकों के साथ समन्वय कर ऋण वितरण की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराएं।

​इस बैठक से साफ है कि प्रशासन अब स्वरोजगार योजनाओं को लेकर ‘एक्शन मोड’ में है और आने वाले दिनों में लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी देखने को मिलेगी।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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