कोंच: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा निर्माणाधीन नाला, दो दिन पहले बनी दीवार ढही; कांग्रेस ने खोला मोर्चा

कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच नगर में सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों-करोड़ों की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर अब सवालिया निशान लगने लगे हैं। ताजा मामला धनुताल के पास बन रहे नाले का है, जहाँ मात्र दो दिन पहले खड़ी की गई दीवार भरभराकर गिर गई। इस घटना ने निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
संपूर्ण समाधान दिवस में गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा
शनिवार को आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रामकिशोर पुरोहित ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह को एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।
शिकायती पत्र में पुरोहित ने उल्लेख किया कि राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत गांधीनगर में धनुताल के समीप मरई माता मंदिर से लेकर शनिदेव मंदिर तक नाले का निर्माण कराया जा रहा है। आश्चर्यजनक पहलू यह है कि सड़क की तरफ वाली दीवार, जिसे अभी दो दिन पहले ही बनाया गया था, वह मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और ढह गई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
पुरानी शिकायतों पर नहीं हुई कोई सुनवाई
रामकिशोर पुरोहित ने केवल वर्तमान मामले तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पूर्व में हुई अनियमितताओं की भी याद दिलाई। उन्होंने बताया कि:
- धनुताल सौंदर्यीकरण: पूर्व में सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान बनाए गए खंभे भी निर्माण के २-३ दिन के भीतर ही गिर गए थे।
- कान्हा गौशाला मार्ग: कान्हा गौशाला से संतोषी माता मंदिर तक बनने वाले नाले की दीवार भी निर्माण पूर्ण होने से पहले ही ध्वस्त हो गई थी।
उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि इन सभी मामलों की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस जांच अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
अग्निशमन सेवाओं को लेकर भी जताई चिंता
नाले के मुद्दे के साथ-साथ, कांग्रेस नेता ने आगामी गर्मियों के मौसम को देखते हुए क्षेत्र की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने एसडीएम को एक अलग पत्र सौंपकर फायर सब स्टेशन कोंच की बदहाली पर ध्यान आकर्षित किया।
पुरोहित ने बताया कि कुंभ मेले के दौरान कोंच तहसील से अग्निशमन की गाड़ियां भेजी गई थीं, जो आज तक वापस नहीं लौटीं। वर्तमान में बड़ी आबादी वाले इस क्षेत्र में किसानों की फसल और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि फायर स्टेशन को तत्काल:
- दो अच्छी हालत की बड़ी गाड़ियां।
- दो छोटी गाड़ियों के पंप उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासनिक पक्ष: ईओ ने मांगी रिपोर्ट
इस पूरे घटनाक्रम पर नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी (ईओ) मोनिका उमराव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नाला अभी निर्माणाधीन अवस्था में है। उन्होंने बताया कि जो दीवार गिरी है, उसके संबंध में अवर अभियंता (जेई) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। ईओ ने आश्वासन दिया कि गिरी हुई दीवार का दोबारा निर्माण कराया जाएगा और जेई की रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
निष्कर्ष
कोंच में विकास कार्यों के नाम पर हो रहा “दोयम दर्जे” का निर्माण न केवल सरकारी खजाने को चूना लगा रहा है, बल्कि आम जनता के लिए भी भविष्य में खतरा पैदा कर सकता है। अब देखना यह होगा कि एसडीएम ज्योति सिंह इस शिकायती पत्र पर क्या कड़ा कदम उठाती हैं और क्या दोषियों पर वास्तव में गाज गिरेगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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