उरई तहसील में मतदाता सूची वाचन अभियान: अपर आयुक्त झांसी ने परखा जमीनी स्तर पर लोकतंत्र का आधार

उरई(जालौन): भारतीय लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘निर्वाचक नामावली’ (वोटर लिस्ट) को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए जालौन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, शनिवार को उरई तहसील के विभिन्न मतदेय स्थलों पर मतदाता सूची के सार्वजनिक वाचन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद झांसी मण्डल के अपर आयुक्त उमाशंकर त्रिपाठी ने फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विभिन्न केंद्रों पर हुआ सूची का विधिवत वाचन
तहसील उरई के अंतर्गत आने वाले राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), ठाकुर महेन्द्र सिंह विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघोरा, टीएम पब्लिक स्कूल उरई सहित जनपद के तमाम उच्च प्राथमिक विद्यालयों और मतदेय स्थलों पर सुबह से ही गतिविधियां तेज रहीं। यहाँ तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने स्थानीय नागरिकों और उपस्थित जनसमूह के सामने मतदाता सूची को सस्वर पढ़कर सुनाया। वाचन की इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रह जाए और सूची में कोई गलत प्रविष्टि न हो।
उच्चाधिकारियों ने किया सघन निरीक्षण
अपर आयुक्त झांसी मण्डल, उमाशंकर त्रिपाठी के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। अधिकारियों ने राजकीय इंटर कॉलेज और बघोरा स्थित विद्यालयों में बीएलओ के रजिस्टर चेक किए और यह सुनिश्चित किया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है या नहीं। अपर आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके प्रत्येक युवा का नाम सूची में जोड़ा जाना अनिवार्य है।
त्रुटि सुधार और अपात्रों के विलोपन पर जोर
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि सूची से मृतक मतदाताओं, अन्यत्र स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके लोगों और दोहरी प्रविष्टि वाले नामों को तत्काल चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के लिए यह आवश्यक है कि नामावली में केवल वैध मतदाताओं के ही नाम हों। इसके लिए उन्होंने बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करने और फॉर्म-7 (विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए।
नागरिकों से अपील और उत्साहजनक भागीदारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद आमजन से सीधा संवाद किया और उनसे अपील की कि वे स्वयं अपनी और अपने परिवार की प्रविष्टियों की जांच करें। यदि नाम में कोई वर्तनी की अशुद्धि है या फोटो स्पष्ट नहीं है, तो तत्काल निर्धारित प्रारूप पर दावा-अपत्ति प्रस्तुत करें। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों की सहभागिता बेहद सराहनीय रही, जिससे यह अभियान केवल सरकारी प्रक्रिया न रहकर एक जन-जागरूकता अभियान में बदल गया।
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