​संस्कृति और शिक्षा का संगम: कोंच में संस्कृत पाठशाला के भव्य भवन का शिलान्यास, बसंत पंचमी पर विधायक ने किया भूमि पूजन

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कोंच की रामकुंड कॉलोनी में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर संस्कृत पाठशाला के नवीन भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास करते विधायक मूलचंद्र निरंजन और पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता।

कोंच (जालौन): भारतीय ज्ञान परंपरा और देववाणी संस्कृत के संरक्षण की दिशा में कोंच नगर में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ा गया है। नगर की प्रतिष्ठित रामकुंड कॉलोनी में प्रस्तावित संस्कृत पाठशाला के नवीन भवन निर्माण हेतु शुक्रवार को विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक निर्माण कार्य का शुभारंभ नहीं, बल्कि क्षेत्र में विलुप्त होती जा रही संस्कृत शिक्षा को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा संकल्प माना जा रहा है।

बसंत पंचमी का शुभ संयोग और वैदिक अनुष्ठान

​भवन निर्माण के शुभारंभ के लिए ‘बसंत पंचमी’ का दिन चुना गया, जो विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना का पर्व है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि की भूमिका नगरपालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने निभाई। आयोजन का प्रारंभ प्रकांड विद्वानों द्वारा उच्चारित किए गए वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। अतिथियों ने पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आधारशिला रखी, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

विधायक का संबोधन: “संस्कृत हमारी सभ्यता की आत्मा”

​शिलान्यास के पश्चात जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक मूलचंद्र निरंजन ने भावुक स्वर में कहा, “यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि वीणावादिनी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर हम संस्कृत पाठशाला के नवीन भवन की नींव रख रहे हैं। संस्कृत मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता और ऋषि-परंपरा की वाहक है। वैदिक काल से इसकी प्रासंगिकता अटल है।” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए यह व्यवस्थित भवन एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी।

जीर्ण-शीर्ण अवस्था से आधुनिकता की ओर कदम

​विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने संस्कृत पाठशाला की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लंबे समय से नगर की यह महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था एक जीर्ण-शीर्ण और जर्जर भवन में संचालित हो रही थी। पुराने भवन की स्थिति चिंताजनक थी, जिससे पठन-पाठन में अवरोध उत्पन्न हो रहा था। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नवीन और व्यवस्थित भवन के निर्माण से संस्कृत शिक्षा को एक नई दिशा और पहचान मिलेगी। पालिका प्रशासन ने भी इस नेक कार्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

सम्मान और गणमान्य जनों की उपस्थिति

​कार्यक्रम के औपचारिक प्रारंभ में पाठशाला के प्रबंधक ज्ञानेंद्र सेठ एवं कार्यवाहक अध्यक्ष राममोहन रिछारिया ने मुख्य अतिथि विधायक और विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष का माल्यार्पण कर एवं साफा बांधकर भव्य स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने पाठशाला के उत्थान के लिए प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।

​इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष अंजू अग्रवाल, आनंद सेठ, बादाम कुशवाहा, अमित उपाध्याय, और माधव यादव जैसे दिग्गज नेता उपस्थित रहे। साथ ही सुमित रिछारिया, दंगल यादव, नरेश वर्मा, नीरज खरे, शिक्षिका प्रतीक्षा पाठक, वंदना अग्रवाल, विकास पटेल, गौरी चबोर, अरविंद निरंजन मुनिया और ओपी कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में नगर के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद् और संस्कृत अनुरागी मौजूद रहे।

​यह नया भवन आने वाले समय में न केवल संस्कृत के विद्वानों को तैयार करेगा, बल्कि कोंच नगर की सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक पटल पर मजबूती प्रदान करेगा।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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