वैवाहिक कलह की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी: उरई में दो साल से मायके में रह रही महिला ने फंदे से लटककर दी जान

रिपोर्ट: राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन) : जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ मोहल्ला बघौरा में लंबे समय से वैवाहिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रही एक 35 वर्षीय महिला ने शनिवार देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला पिछले दो वर्षों से अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। इस आत्मघाती कदम के बाद मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
साड़ी के फंदे से झूलता मिला शव
प्राप्त विवरण के अनुसार, उरई कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बघौरा निवासी गोमती उर्फ गौरी (35), जो कि स्वर्गीय रामप्रसाद की पुत्री थी, शनिवार की शाम अपने कमरे में गई थी। काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने बार-बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः, जब दरवाजा तोड़कर देखा गया तो गोमती साड़ी के सहारे फंदे पर झूल रही थी। आनन-फानन में परिजनों ने उसे नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
2012 में हुई थी शादी, दो साल से चल रहा था विवाद
मृतका के भाई संदीप ने बताया कि गोमती का विवाह वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश के दतिया जिले के पंडोखर गांव निवासी चतुर सिंह के साथ हुआ था। शादी के शुरुआती कुछ साल सामान्य रहे, लेकिन धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच आपसी कलह और मनमुटाव बढ़ने लगा। विवाद इतना गहरा गया कि बीते दो वर्षों से गोमती अपने पति का घर छोड़कर अपने बच्चों के साथ मायके (बघौरा) में रहने को मजबूर थी।
मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
गोमती अपने पीछे दो बच्चे, बेटा अंश और बेटी अंशिका, को छोड़ गई है। माँ की असमय मृत्यु की खबर मिलते ही दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि गोमती वैवाहिक विवाद के कारण अक्सर गुमसुम और भारी मानसिक तनाव में रहती थी। उसे उम्मीद थी कि शायद स्थितियां सुधर जाएं, लेकिन विवाद सुलझने के बजाय बढ़ता ही गया, जिसने अंततः उसे यह जानलेवा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद और अवसाद का प्रतीत हो रहा है।
पुलिस के अनुसार:
”परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा। यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त होती है, तो वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
यह घटना समाज में बढ़ते पारिवारिक विघटन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता की कमी को भी रेखांकित करती है।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






