जालौन: संपत्ति की भूख ने रिश्तों को किया शर्मसार; घर में पड़ा रहा बुजुर्ग का शव, जमीन के विवाद में बेटों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी संवेदनहीन घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। गोहन थाना क्षेत्र के एक गांव में जमीन और जायदाद की खातिर अपनों ने ही अपनों के साथ दगाबाजी की और स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि एक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनका शव घंटों घर में रखा रहा, लेकिन परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोहन थाना क्षेत्र के निवासी बुजुर्ग वीरभद्र की 12 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कायदे से जिस समय घर में मातम होना चाहिए था और अंतिम विदाई की तैयारियाँ होनी चाहिए थीं, उस समय घर के भीतर संपत्ति के बंटवारे और कब्जे को लेकर महाभारत शुरू हो गई। मृतक वीरभद्र के दो पुत्र हैं—बड़ा बेटा मोहित और छोटा बेटा मनीष। पिता की मौत के तुरंत बाद ही बेटों और उनकी माँ (मृतक की पत्नी) ने शव को उठाने से रोक दिया और गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
जमीन और वाहनों को लेकर अपनों पर ही जालसाजी का आरोप
मृतक की पत्नी और दोनों बेटों का आरोप है कि परिवार के ही अन्य सदस्यों (वीरभद्र के भाइयों) ने मिलकर एक बड़ी साजिश रची है। परिजनों का दावा है कि वीरभद्र के जीवित रहते ही उनके भाइयों ने छल-कपट से उनकी कीमती जमीन-जायदाद को अपने नाम करवा लिया।
इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक के नाम पर मौजूद ट्रैक्टर और कार का फाइनेंस कराया गया था, जिसमें धोखाधड़ी करते हुए वारिसों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को ‘नॉमिनी’ के तौर पर दर्ज करा दिया गया। पत्नी का कहना है कि उनके पति की सरल स्वभाव का फायदा उठाकर पूरी संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई है, जिसके कारण आज उनका भविष्य अंधकार में है।
मौके पर पहुँची भारी पुलिस बल और उच्चाधिकारी
घर के भीतर चल रहे इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और शव का अंतिम संस्कार न किए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय गोहन थाना पुलिस हरकत में आई। मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) अंबुज सिंह यादव भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन न्याय और जांच के आश्वासन पर अड़े रहे। अंततः पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच का आश्वासन
इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। क्षेत्राधिकारी अंबुज सिंह यादव ने बताया कि मृतक के बेटों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है जिनके बारे में धोखाधड़ी का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा और यदि संपत्ति हड़पने के आरोपों में सत्यता पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रिश्तों की मर्यादा पर लगा प्रश्नचिन्ह
यह घटना केवल एक संपत्ति विवाद नहीं है, बल्कि यह समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ पैसा और जमीन, खून के रिश्तों से बड़े हो जाते हैं। एक तरफ मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, तो दूसरी तरफ उनका यह हठ कि “बिना न्याय के अंतिम विदाई नहीं”, समाज के बदलते स्वरूप की गवाही दे रहा है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और हर कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
बाइट (मोहित यादव, मृतक का बेटा): “हमारे पिता को धोखे में रखकर जमीन और गाड़ियों के कागजात बदल दिए गए। हमें हमारे हक से वंचित किया जा रहा है। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और हमारी जमीन हमें वापस नहीं मिलती, हम न्याय की गुहार लगाते रहेंगे।”

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






