शिक्षा जगत में शोक की लहर: मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. टी.आर.निरंजन को आज दी जाएगी अंतिम श्रद्धांजलि

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मथुरा प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंच के प्रांगण में दिवंगत पूर्व प्राचार्य डॉ. टी.आर.निरंजन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते शिक्षक और शोकाकुल गणमान्य नागरिक

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन): जनपद जालौन के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान मथुरा प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय (MPDAC) के पूर्व प्राचार्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले डॉ. टी.आर.निरंजन के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके सम्मान में आज, शनिवार को महाविद्यालय परिसर में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नगर के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद और उनके शिष्य दिवंगत आत्मा को नमन करेंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में एक युग का अंत

​डॉ. टी.आर.निरंजन केवल एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक प्रखर विद्वान और मार्गदर्शक भी थे। मथुरा प्रसाद महाविद्यालय में प्राचार्य के रूप में उनके कार्यकाल को संस्थान के स्वर्णिम युग के रूप में याद किया जाता है। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे शिक्षा की अलख जगाने में सक्रिय रहे और एमएसडी महाविद्यालय तीतरा की प्रबंध समिति के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे थे। उनके निधन को बुंदेलखंड के शैक्षिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

आज दोपहर 12 बजे आयोजित होगी शोक सभा

​मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के वर्तमान प्राचार्य डॉ. विजय विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दिवंगत पूर्व प्राचार्य डॉ. टी.आर.निरंजन के सम्मान में आज शनिवार को अपराह्न ठीक 12:00 बजे महाविद्यालय प्रांगण में एक औपचारिक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है। इस सभा में महाविद्यालय परिवार के साथ-साथ जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

प्राचार्य डॉ. विजय विक्रम सिंह की भावुक अपील

​श्रद्धांजलि सभा की तैयारियों को लेकर प्राचार्य डॉ. विजय विक्रम सिंह ने क्षेत्र के सभी बुद्धिजीवियों, पूर्व छात्रों और नगर वासियों से अपील की है। उन्होंने कहा:

​”डॉ. निरंजन का व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उनका अनुशासन और संस्थान के प्रति समर्पण वंदनीय था। मैं समस्त नागरिकों और शिक्षा प्रेमियों से अनुरोध करता हूँ कि आज नियत समय पर महाविद्यालय पहुँचकर दिवंगत पुण्य आत्मा के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करें और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।”

क्षेत्र में शोक की लहर

​जैसे ही डॉ. निरंजन के आकस्मिक निधन की खबर कोंच और आसपास के क्षेत्रों में फैली, उनके निवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। लोगों का कहना है कि डॉ. निरंजन ने हजारों युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उनके द्वारा सिखाए गए मूल्य हमेशा जीवित रहेंगे।

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