मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के सात दिवसीय एनएसएस शिविर का आगाज, काली माता मंदिर परिसर में गूंजा सेवा का संकल्प

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​जालौन के कोंच में मथुरा प्रसाद महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का काली माता मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ करते अतिथि और प्राध्यापक

रिपोर्ट-साजिद जालौन | UP SAMVAD

कोंच (जालौन): युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मथुरा प्रसाद महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर बुधवार से प्रारंभ हो गया। नगर के सुप्रसिद्ध काली माता मंदिर परिसर में आयोजित इस शिविर के शुभारंभ सत्र में स्वयंसेवकों ने सेवा और अनुशासन का संकल्प लिया।

धार्मिक और शैक्षणिक गरिमा के साथ शुभारंभ

​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। पवित्र मंदिर परिसर के शांत वातावरण में आयोजित इस शिविर के पहले दिन छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने एनएसएस के गौरवशाली इतिहास और इसके “स्वयं से पहले आप” (Not Me But You) के मूल मंत्र पर विस्तार से चर्चा की।

“राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है युवा सेवा”

​शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए एनएसएस प्रभारी लवकेश और मधुरलता द्विवेदी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर सेवा भावना को इस प्रकार विकसित करना है कि वे समाज और राष्ट्र के लिए एक अमूल्य निधि बन सकें। प्रभारियों ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आवासीय और विशेष शिविर विद्यार्थियों को जीवन की कठिन परिस्थितियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

विविध विषयों पर आधारित होगी सात दिवसीय कार्ययोजना

​शिविर के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि आगामी सात दिनों तक स्वयंसेवक समाज के विभिन्न संवेदनशील विषयों पर जनजागरण अभियान चलाएंगे। कार्ययोजना में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया गया है:

  • सड़क सुरक्षा: यातायात नियमों के प्रति ग्रामीणों और युवाओं को जागरूक करना।
  • स्वच्छता अभियान: मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई के माध्यम से ‘स्वच्छ भारत’ का संदेश देना।
  • नशा मुक्ति: समाज को नशे के घातक परिणामों से अवगत कराना।
  • महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों और शिक्षा के प्रति प्रेरित करना।

व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर

​न केवल सामाजिक कार्य, बल्कि स्वयंसेवकों के अपने व्यक्तित्व विकास के लिए भी इस शिविर में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न बौद्धिक प्रतियोगिताओं, समूह चर्चाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे भविष्य में समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दे सकें।

शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाविद्यालय परिवार और नगर के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. अर्चना निरंजन, डॉ. हरिश्चंद्र तिवारी, मनोज तिवारी, सुनील निरंजन, दीपक सचान और राकेश वर्मा आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

​काली माता मंदिर परिसर में शुरू हुआ यह सात दिवसीय शिविर न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का अवसर है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए भी कल्याणकारी सिद्ध होगा।

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