नए साल की शुरुआत में ठिठुरन का कहर, सर्द हवाओं ने बढ़ाईं लोगों की परेशानियां-पारा लुढ़ककर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा

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नए साल की शुरुआत में सर्द हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें, 5 डिग्री तक गिरा तापमान।

कोंच (जालौन): नए साल के पहले ही दिन हाड़ कंपा देने वाली सर्द हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे गलन भरी ठंड और तेज सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम में आई अचानक ठंडक का सबसे ज्यादा असर खुले में रहने वाले लोगों और सड़क किनारे जीवन गुजारने वाले गरीब तबके पर देखने को मिल रहा है।
पिछले चार से पांच दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। पारा गिरकर करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद सर्द हो गई हैं। गलन इतनी अधिक है कि लोग सुबह और देर शाम घरों से निकलने में भी संकोच कर रहे हैं।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा ठंड से राहत के लिए करीब दो दर्जन स्थानों पर अलाव जलवाए गए हैं, लेकिन नगर की बड़ी आबादी के सामने यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है। जिन स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, वहां भी सीमित समय के लिए ही राहत मिल पा रही है, जबकि पूरी रात निर्धन और असहाय लोगों को ठंड से जूझना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, औद्योगिक क्षेत्रों और सड़कों के किनारे रहने वाले खानाबदोश परिवारों पर यह सर्दी कहर बनकर टूट रही है। आर्थिक रूप से सक्षम लोग तो हीटर, ब्लोअर और अन्य साधनों से ठंड से बचाव कर रहे हैं, लेकिन गरीब, असहाय, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे सरकारी अलाव के सहारे ही राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
नगर में सक्रिय बताई जाने वाली कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी इस कठिन समय में नजर नहीं आ रहीं हैं, जिससे उनकी सामाजिक भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और सक्षम वर्ग को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, ताकि इस भीषण ठंड में कोई भी असहाय ठिठुरने को मजबूर न हो।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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