Fact-Check Policy

UP Samvad Live का मुख्य उद्देश्य अपने पाठकों तक सत्य, प्रमाणित और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना है। हमारी पत्रकारिता का हर स्तंभ तथ्य की नींव पर खड़ा है। हम किसी भी प्रकार की अफवाह, प्रचार, बिना प्रमाण की जानकारी या राजनीतिक/संगठनात्मक दबाव में आकर खबरें प्रकाशित नहीं करते।

✔️ हमारी Fact-Checking Philosophy

हम मानते हैं कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें बताने तक सीमित नहीं है—
यह ज़िम्मेदारी, जवाबदेही और सटीकता का पेशा है।
इसलिए हर सूचना को तीन चरणों में जांचा जाता है:

✔️ 1. प्राथमिक तथ्य-जांच (Primary Verification)

हम निम्न स्रोतों को प्राथमिक मानते हैं:

  • सरकारी विभागों की आधिकारिक वेबसाइटें
  • प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस प्रेस नोट
  • सार्वजनिक अभिलेख, RTI दस्तावेज़
  • ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, स्थानीय संवाददाता
  • घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शी / अधिकारी

किसी भी दावे की पुष्टि होने तक उसे “Verified” दर्ज नहीं किया जाता।

✔️ 2. द्वितीयक जांच (Secondary Verification)

अगर खबर वायरल है या सोशल मीडिया आधारित है, तो:

  • उस वीडियो/फोटो की reverse image search की जाती है
  • Location, EXIF data, background audio की तुलना
  • समाचार एजेंसी (PTI, ANI) के विश्वसनीय फीड
  • अन्य प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से cross-check
  • पुलिस/प्रशासन से आधिकारिक पुष्टि

✔️ 3. निष्कर्ष और प्रकाशन

सभी तथ्यों का मिलान होने के बाद ही खबर को प्रकाशित किया जाता है।
अगर तथ्य अधूरे हों, हम साफ लिखते हैं:

“जानकारी की पुष्टि जारी है, कहानी अपडेट की जाएगी।”

✔️ गलत/अधूरी खबर की स्थिति

अगर किसी सामग्री में त्रुटि मिले:

  • तुरंत सुधार (Correction) किया जाता है
  • पोस्ट में “Updated/Corrected” टैग लगाया जाता है
  • पाठकों को स्पष्ट बताया जाता है कि क्या बदला गया है

✔️ Fact-Check की शिकायत कैसे करें?

पाठक हमें किसी भी खबर को Fact-Check के लिए भेज सकते हैं:
📩 info@upsamvad.com
हम 24–72 घंटे में जांच प्रारंभ कर उत्तर देते हैं।

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