जालौन में पारिवारिक विवाद के बाद सिपाही ने किया विषाक्त पदार्थ का सेवन, समय पर इलाज से बची जान

समय पर पुलिस कार्रवाई और इलाज से सिपाही की बची जान, हालत में सुधार।
नदीगांव (जालौन): नए साल के दिन पारिवारिक विवाद के बाद मानसिक तनाव में आए एक सिपाही द्वारा विषाक्त पदार्थ का सेवन किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से सिपाही की जान बचा ली गई। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ जिले के गोंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदेव नगरिया निवासी ब्रह्मजीत वर्ष 2020 बैच का सिपाही है, जो वर्तमान में जालौन जनपद के नदीगांव थाने में तैनात है। बताया गया कि नए वर्ष के दिन पत्नी अंजना से बधाई देने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया।शुक्रवार रात सिपाही घर से निकल गया और नदीगांव थाना क्षेत्र के जंगल में जाकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसने अपनी पत्नी को फोन कर इसकी जानकारी दी और फिर मोबाइल फोन बंद कर दिया।यह सूचना मिलते ही पत्नी घबरा गई और तुरंत नदीगांव थाना प्रभारी को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और सिपाही की आखिरी कॉल लोकेशन के आधार पर जंगल में तलाश अभियान शुरू किया गया। कुछ ही देर में पुलिस टीम ने सिपाही ब्रह्मजीत को जंगल में अचेत अवस्था में बरामद कर लिया।उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया गया। समय पर इलाज मिलने से सिपाही की जान बच गई और अब उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि सिपाही की हालत में सुधार है और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे अवकाश प्रदान कर दिया गया है। पुलिस विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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