कोंच सीएचसी का ‘कायाकल्प’ टीम ने किया औचक निरीक्षण: अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी, खांसी के सिरप की कमी मिली

कोंच (जालौन): स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शासन के मानकों की जमीनी हकीकत परखने के लिए बुधवार को ‘कायाकल्प टीम’ ने औचक निरीक्षण किया। शासन द्वारा गठित इस विशेष टीम ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और दवाओं के स्टॉक का बारीकी से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी खामियां और आवश्यक दवाओं की अनुपलब्धता सामने आई, जिस पर टीम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
आईसीटीसी और नेत्र कक्ष से हुई शुरुआत
निरीक्षण दल में शामिल डॉ. दिलीप कुमार और डॉ. सुभाष ने अस्पताल पहुँचते ही सबसे पहले एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्र (ICTC) कक्ष का रुख किया। यहाँ टीम ने रिकॉर्ड रजिस्टर की जांच की और डेटा प्रबंधन के तरीकों को देखा। इसके बाद टीम ने नेत्र चिकित्सा कक्ष का निरीक्षण किया और वहाँ मौजूद मरीजों से बातचीत कर मिल रही सुविधाओं और उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी ली।
पैथोलॉजी लैब के लिए सख्त निर्देश
अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। डॉ. दिलीप कुमार ने निर्देश दिए कि:
- लैब के बाहर जांचों की सूची और लेवल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
- मरीजों के पर्चे बाहर ही दर्ज होने चाहिए और भीतर केवल जांच प्रक्रिया संपन्न हो।
- रजिस्ट्रेशन और रिपोर्ट वितरण के लिए अलग-अलग विंडो (खिड़की) की व्यवस्था की जाए ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
दवाओं का स्टॉक: खांसी के सिरप की भारी कमी
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामी दवा वितरण कक्ष में मिली। टीम ने जब स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया और भौतिक सत्यापन किया, तो पाया कि अस्पताल में खांसी के सिरप की उपलब्धता नाकाफी है। वर्तमान मौसम में खांसी और जुकाम के बढ़ते मरीजों को देखते हुए टीम ने इसे गंभीर लापरवाही माना और सीएचसी प्रभारी को दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। इंजेक्शन कक्ष में भी विभिन्न रोगों से संबंधित इमरजेंसी दवाओं के स्टॉक को खंगाला गया।
आयुष्मान वार्ड और बुनियादी सुविधाएं
अंत में, टीम ने आयुष्मान वार्ड का दौरा किया और वहाँ भर्ती मरीजों से फीडबैक लिया। चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, बिजली की निर्बाध आपूर्ति और मरीजों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार शाक्य, डॉ. केके भार्गव सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। कायाकल्प टीम ने स्पष्ट किया कि इन सुझावों और निर्देशों पर अमल न होने की दशा में शासन को प्रतिकूल रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मुहम्मद साजिद (मुख्य संस्थापक सीईओ), UP Samvad | उत्तर प्रदेश आधारित स्वतंत्र डिजिटल समाचार मंच। जनहित, तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों के साथ समाचारों के जिम्मेदार प्रकाशन हेतु प्रतिबद्ध।






