कोंच CHC का औचक निरीक्षण: ACMO और एसडीएम को मिलीं गंभीर खामियां; लाखों की मशीनें बनीं शोपीस, अधिकारियों ने जताई नाराजगी

कोंच (जालौन): जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए बुधवार को प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. अरविंद कुमार भूषण और उपजिलाधिकारी (SDM) ज्योति सिंह ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, जहाँ चमक-धमक वाली ओपीडी के पीछे अव्यवस्थाओं का अंबार नजर आया। लाखों रुपये की लागत से लगी मशीनें और संसाधन रख-रखाव के अभाव में ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहे हैं।
मशीनों पर धूल, मरीजों को मिल रही सिर्फ ‘तारीख’
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली तस्वीर अस्पताल के आधुनिक उपकरणों की रही। अधिकारियों ने पाया कि स्वास्थ्य केंद्र में लगा हेल्थ एटीएम (Health ATM) लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे मरीजों की जांचें बाधित हो रही हैं। वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन सिर्फ ऑपरेटर न होने के कारण धूल फांक रही है, जिसके चलते गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को निजी सेंटरों पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
इतना ही नहीं, अस्पताल में एक्स-रे मशीन का प्रिंटर भी खराब पाया गया, जिससे डिजिटल रिपोर्ट मिलना बंद है। पेयजल की व्यवस्था भी बदहाल मिली; वाटर कूलर का आरओ (RO) सिस्टम बंद पड़ा था, जिससे इस कड़ाके की ठंड और बीमारियों के सीजन में भी मरीजों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो रहा है।
मरीजों से लिया फीडबैक, वार्डों की जांची स्थिति
अधिकारियों ने सबसे पहले ओपीडी (OPD) का रुख किया, जहाँ दोपहर तक 151 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। एसडीएम ज्योति सिंह ने वहां मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि क्या डॉक्टर बाहर की दवा लिख रहे हैं या अस्पताल से दवाएं मिल रही हैं?
इसके बाद संयुक्त टीम ने लेबर रूम, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी वार्ड और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति देखकर अधिकारियों ने असंतोष जाहिर किया। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाला व्यक्ति पहले से ही परेशान होता है, उसे समय पर इलाज और साफ वातावरण देना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
समीक्षा बैठक: सुधार न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
निरीक्षण के उपरांत एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार भूषण ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अनिल शाक्य और अन्य चिकित्सकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में डॉ. भूषण ने कड़े लहजे में कहा कि संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर मरीजों को परेशान नहीं किया जा सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- खराब पड़े प्रिंटर और हेल्थ एटीएम को 48 घंटे के भीतर ठीक कराया जाए।
- अल्ट्रासाउंड ऑपरेटर के लिए उच्चाधिकारियों को तत्काल पत्र भेजा जाए।
- पेयजल व्यवस्था और आरओ को अविलंब दुरुस्त किया जाए।
बैठक में उपस्थित रहे चिकित्साधिकारी
इस दौरान डॉ. रामकरण गौर, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. सविता पटेल और डॉ. भार्गव सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले निरीक्षण तक व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ जवाबदेही तय की जाएगी।
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