कैलिया पुलिस का बड़ा एक्शन: दुष्कर्म की वारदातों में शामिल दो इनामी दरिंदे गिरफ्तार, एक पर नाबालिग के अपहरण व शोषण का आरोप

कोंच (जालौन): जालौन जिले की कैलिया थाना पुलिस ने महिला अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दुष्कर्म की दो अलग-अलग सनसनीखेज वारदातों में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पर नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुराचार जैसी जघन्य वारदात का आरोप है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बिछाया गया जाल
जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के क्रम में, क्षेत्राधिकारी कोंच के कुशल मार्गदर्शन में कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस की टीमें इन दोनों वांछित अभियुक्तों की सरगर्मी से तलाश कर रही थीं और इनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। शनिवार को सटीक मुखबिरी और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने दोनों को अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया।
पहली गिरफ्तारी: नहर पुल के पास धरा गया सुनील
पुलिस टीम ने पहली सफलता तब हासिल की जब उन्हें सूचना मिली कि दुष्कर्म का आरोपी सुनील कुशवाहा पुत्र स्व. कलू, निवासी ग्राम ब्योनाराजा, क्षेत्र छोड़कर भागने की फिराक में है। थानाध्यक्ष ने बिना समय गंवाए घेराबंदी की और आरोपी को कूड़ा नहर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। सुनील के विरुद्ध थाना क्षेत्र की ही एक महिला ने दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
दूसरी गिरफ्तारी: आजमगढ़ का आरोपी ‘अर्जुन’ भी चढ़ा हत्थे
कैलिया पुलिस को दूसरी बड़ी कामयाबी ग्राम बरोदा कलां के पास मिली। पुलिस ने यहाँ से अर्जुन पुत्र राजेश पासवान को गिरफ्तार किया। आरोपी अर्जुन मूल रूप से आजमगढ़ जिले के ग्राम हथिया का निवासी है। इस आरोपी पर अपराध की प्रकृति और भी गंभीर है। अर्जुन के विरुद्ध एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज थी। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए पुलिस इस अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर काफी दबाव में थी।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को थाने लाकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। शनिवार की दोपहर बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष की टीम की सराहना
इस दोहरी कामयाबी के बाद क्षेत्र में पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है। थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के साथ टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भी सराहना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।
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