कोंच समाधान दिवस: शिकायतों की झड़ी, नाला सफाई से लेकर 8 महीने की बकाया मजदूरी तक की गूंज; 15 में से मात्र 5 का निस्तारण

कोंच (जालौन): जन समस्याओं के त्वरित समाधान के सरकारी दावों के बीच शनिवार को तहसील कोंच के सभागार में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह और क्षेत्राधिकारी (सीओ) परमेश्वर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक सुस्ती और विभागीय लापरवाही के कई गंभीर मामले सामने आए। दिन भर चले इस सत्र में कुल 15 शिकायतें पंजीकृत की गईं, लेकिन विडंबना यह रही कि मौके पर केवल 5 शिकायतों का ही निस्तारण संभव हो सका।
प्रमुख शिकायतें: जो बनीं चर्चा का विषय
1. वन विभाग के मजदूरों का ‘आठ महीने’ का दर्द
समाधान दिवस में सबसे मार्मिक मामला वन विभाग की नर्सरी में काम करने वाले मजदूरों का रहा। राजकुमार, भवानी शंकर, बलराम, सुखदेई और छुन्ना जैसे दर्जनों मजदूरों ने एसडीएम के सामने अपनी व्यथा रखी। उन्होंने बताया कि वे ग्राम घुसिया और खैराई स्थित विभागीय पौधशाला में पिछले 8 महीनों से पसीना बहा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें एक धेला भी मजदूरी नहीं दी गई है। मजदूरों ने रुंधे गले से कहा कि बिना पैसों के उनकी आजीविका चलाना दूभर हो गया है और उनके परिवारों के सामने फांके की नौबत आ गई है।
2. अखनीबा में पानी का संकट: पाइपलाइन लीकेज से बर्बादी
ग्राम पंचायत अखनीबा की महिला प्रधान आशा देवी ग्रामीणों के एक बड़े समूह (मृदुल, मोहन, सुशील आदि) के साथ अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि गांव की पानी की टंकी से बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह से जर्जर और लीकेज हो चुकी है। हालात यह हैं कि टंकी से छोड़े जाने वाले पानी का केवल 60 प्रतिशत हिस्सा ही घरों तक पहुँच पाता है, जबकि 40 प्रतिशत शुद्ध पेयजल रास्तों में बहकर बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के दावों पर सवाल उठाते हुए पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत की मांग की।
3. मालवीय नगर और भगत सिंह नगर की बदहाली
भगत सिंह नगर निवासी अरशद ने मोहल्ले में नाले की सफाई न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि नाला चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। वहीं, किष्किंधा मंदिर के पास रहने वाले अफजल अहमद, सोनू और आरिफ ने कच्चे रास्ते की नारकीय स्थिति से निजात दिलाने की गुहार लगाई।
एसडीएम का सख्त रुख: अधिकारियों को दी हिदायत
सभी पक्षों को सुनने के बाद एसडीएम ज्योति सिंह ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों के अधीनस्थ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल फाइलों में बंद न किया जाए, बल्कि धरातल पर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो।
- नगर पालिका को नाला सफाई और सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
- वन विभाग के अधिकारियों को मजदूरों के बकाया भुगतान का रास्ता साफ करने के निर्देश दिए।
- जल संस्थान को अखनीबा गांव में लीकेज ठीक करने हेतु निर्देशित किया गया।
सीओ परमेश्वर प्रसाद ने भी पुलिस से संबंधित शिकायतों में निष्पक्षता और संवेदनशीलता बरतने की बात कही।
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