जालौन: जिलाधिकारी का चाबुक; मानदेय में फर्जीवाड़ा करने वाले ग्राम सचिव निलंबित, ADO पंचायत पर भी गिरी गाज

उरई/रामपुरा (जालौन): जनपद जालौन में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में सामने आई एक गंभीर शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने विकास खंड रामपुरा के ग्राम सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकरों के मानदेय में हेराफेरी और शासन को गुमराह करने के आरोप में की गई है।
डेढ़ साल से मानदेय को भटक रही थीं महिलाएं
जनसुनवाई के दौरान ग्राम महटौली निवासी ऊषा देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार और ग्राम पतराही निवासी सीमा देवी पत्नी स्व. छोटेलाल ने जिलाधिकारी को अपना शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बेहद मार्मिक स्वर में बताया कि वे पिछले करीब डेढ़ वर्ष से गांव में संचालित सामुदायिक शौचालयों में केयर टेकर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें एक पैसे का भी भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय के लिए वे ग्राम सचिव और विकास खंड कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी थीं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शौचालयों की साफ-सफाई के लिए आवश्यक उपकरण (ब्रश, फिनाइल आदि) भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे।
जांच में खुला ‘फर्जी प्रमाण पत्र’ का खेल
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला था। संबंधित ग्राम सचिव रोहित कुमार ने उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि केयर टेकरों का पूरा मानदेय भुगतान कर दिया गया है। कागजों पर भुगतान दिखाकर वास्तव में गरीबों का पैसा दबा लिया गया था।
डीएम की सख्त कार्यवाही: निलंबन और स्पष्टीकरण
जांच में पुष्टि होते ही जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपी ग्राम सचिव रोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही:
- ADO पंचायत को कार्य में शिथिलता बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) देते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए।
- जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) से इस लापरवाही पर लिखित स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
- जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर दोनों केयर टेकर महिलाओं का बकाया मानदेय उनके खाते में पहुंच जाना चाहिए।
लापरवाही पर जिलाधिकारी की दो टूक
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही और गरीब श्रमिकों के हक पर डाका डालना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी सूचना देने वाले और श्रमिकों को कार्यालयों के चक्कर लगवाने वाले कर्मचारियों की जगह प्रशासन में नहीं है। जनसुनवाई में आने वाली हर शिकायत पर इसी तरह त्वरित और कठोर कार्यवाही की जाएगी।
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