​जालौन: आवास योजनाओं में ढिलाई पर डीएम का ‘हंटर’; जालौन, नदीगांव, रामपुरा और कुठौंद के बीडीओ को कारण बताओ नोटिस

0
विकास भवन उरई में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और उपस्थित विभागीय अधिकारी।

उरई (जालौन): जनपद में गरीबों को छत मुहैया कराने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। सोमवार को विकास भवन उरई के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का सख्त तेवर देखने को मिला। आवासों के निर्माण में धीमी प्रगति और कागजी खानापूर्ति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

खराब प्रदर्शन वाले विकास खंडों पर गिरी गाज

​समीक्षा बैठक के दौरान जब आवासों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई, तो जिलाधिकारी ने पाया कि कई विकास खंडों में कार्य की गति मानक से काफी कम है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जालौन, नदीगांव, रामपुरा और कुठौन्द विकास खण्डों की स्थिति को अत्यंत खराब और चिंताजनक बताया। उन्होंने इन चारों ब्लॉकों के खण्ड विकास अधिकारियों (BDO) को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) के साथ कठोर प्रशासनिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम: जॉबकार्ड और निर्माण पर जोर

​जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि आवास प्लस सर्वे-2024 और जॉबकार्ड अपडेट करने का काम अगले एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपूर्ण पड़े आवासों को युद्धस्तर पर कार्य कर पूर्णता की श्रेणी में लाया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 2025-26 के लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सिर्फ दीवारें नहीं, सुविधाएं भी देना अनिवार्य

​डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल आवास निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि निम्नलिखित बिंदुओं का कड़ाई से पालन करें:

  • स्थलीय सत्यापन: सभी लाभार्थियों के आवासों का मौका-मुआयना किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
  • मनरेगा समन्वय: लाभार्थियों के मनरेगा मस्टररोल समय से निर्गत हों ताकि उन्हें मजदूरी का लाभ मिल सके।
  • पूर्ण आच्छादन: आवास के पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से सोलर सिस्टम और राशन कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।
  • पारदर्शिता: आवास आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।

प्रशासनिक अमले की उपस्थिति

​बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी (DDO) निशान्त पाण्डेय, और वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह सहित जिले के सभी खंड विकास अधिकारी और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

Leave a Reply

You may have missed