युवाओं ने जानी खाकी की कार्यप्रणाली: कोंच में ‘SPCL’ कार्यक्रम के तहत छात्रों को मिला पुलिसिंग का व्यावहारिक ज्ञान

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जालौन के कोंच कोतवाली में स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी से प्रशिक्षण लेते छात्र-छात्राएं

जालौन/कोंच: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जन-जन तक पहुँचने और युवाओं को कानून व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग’ (SPCL) योजना अब धरातल पर प्रभावी रूप से दिखने लगी है। इसी क्रम में गुरुवार को जालौन जिले के कोंच कोतवाली परिसर में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पुलिस की जटिल कार्यप्रणाली, अनुशासन और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से रूबरू कराया गया।

पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने की पहल

​इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक रहे। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि एक थाना केवल अपराधियों को पकड़ने का केंद्र नहीं है, बल्कि वह समाज में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की पहली इकाई है।

​प्रशिक्षण का नेतृत्व कर रहे कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) विमलेश कुमार ने छात्र-छात्राओं को पुलिस मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में पुलिस केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ और जनसहभागिता के माध्यम से अपराध नियंत्रण पर अधिक ध्यान दे रही है।

थानों के संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं का प्रदर्शन

​प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने कोतवाली के विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण किया। उन्हें निम्नलिखित बिंदुओं पर व्यावहारिक ज्ञान दिया गया:

  • शिकायत पंजीकरण: एफआईआर (FIR) और जीडी (General Diary) कैसे दर्ज की जाती है।
  • ड्यूटी प्रणाली: पुलिस कर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी और उनकी चुनौतियों का विवरण।
  • आपातकालीन सेवा: डायल 112 और अन्य महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली।
  • शस्त्रागार व बंदी गृह: थाने के बुनियादी ढांचे और वहां अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों की जानकारी।

​वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने जोर देकर कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में अब पारदर्शिता और संवेदनशीलता बढ़ी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भविष्य में पुलिस और जनता के बीच एक ‘सेतु’ (Bridge) के रूप में कार्य करें।

विद्यार्थियों में उत्साह: भविष्य के लिए उपयोगी अनुभव

​इस अनूठे अनुभव से छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से हार्दिक पटेल, प्रशांत पाटकार, हनी अग्रवाल, कृष्णा केवट, तनिष्क गुर्जर और प्रियांशी सहित दर्जनों छात्र शामिल हुए।

​छात्रों ने साझा किया कि अब तक उन्होंने पुलिस को केवल फिल्मों या सड़क पर ड्यूटी करते देखा था, लेकिन आज उन्हें कानून की बारीकियों और पुलिस की मेहनत को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यह अनुभव न केवल उनके करियर निर्माण में सहायक होगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मदद करेगा।

प्रमाण पत्र से किया जाएगा सम्मानित

​पुलिस प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह प्रमाण पत्र उनके शैक्षणिक और सामाजिक प्रोफाइल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

​इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय बुद्धिजीवियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं के मन से पुलिस का अकारण भय समाप्त होता है और उनमें कानून के प्रति सम्मान की भावना जागृत होती है।

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