कोंच में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापना की गूँज: सांसद नारायण दास अहिरवार को सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक नगर कोंच में भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग ने अब जोर पकड़ लिया है। मंगलवार दोपहर ठीक 1 बजे, नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय सांसद नारायण दास अहिरवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक औपचारिक ज्ञापन सांसद को सौंपा, जिसमें नगर के एक प्रमुख स्थल पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति मांगी गई है।
दशकों पुरानी मांग और युवाओं की प्रेरणा
ज्ञापन सौंपने आए प्रतिनिधियों ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि जालौन जिले के महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक होने के बावजूद, कोंच नगर में अब तक डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक भी आधिकारिक प्रतिमा स्थापित नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि बाबा साहब ने न केवल देश को एक सशक्त संविधान दिया, बल्कि उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता की जो अलख जगाई, वह आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। नगरवासियों का मानना है कि प्रतिमा की स्थापना से आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्षों और विचारों को समझने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे समाज में समरसता का वातावरण निर्मित होगा।
प्रतिमा के लिए प्रस्तावित स्थान और प्रशासनिक प्रक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और सरकार के सम्मुख प्रतिमा स्थापना के लिए दो प्रमुख स्थलों का प्रस्ताव रखा है:
- मार्कण्डेश्वर तिराहा: जो नगर का एक व्यस्त और केंद्रबिंदु माना जाता है।
- उरई-कोंच-एट तिराहा: जो नगर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है और जहाँ प्रतिमा की दृश्यता सर्वाधिक होगी।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि इन स्थानों में से किसी भी एक उपयुक्त स्थान पर अनुमति प्रदान की जाए। प्रतिनिधियों ने सांसद को अवगत कराया कि यह मांग वर्षों से लंबित है और अब जनमानस की भावनाओं को देखते हुए इस पर तत्काल निर्णय लेना अनिवार्य हो गया है।
सांसद का आश्वासन और भविष्य की रणनीति
सांसद नारायण दास अहिरवार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस जनभावना को मुख्यमंत्री तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार संपूर्ण राष्ट्र की संपत्ति हैं और उनके सम्मान में प्रतिमा स्थापित करना एक सराहनीय कदम है।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शासन और प्रशासन स्तर पर इस मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अपनी आवाज को और बुलंद करेंगे। नागरिकों के अनुसार, वे पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी इस मांग को जारी रखेंगे।
सामाजिक जागरूकता का नया अध्याय
उपस्थित लोगों ने संबोधन में कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह नगर में सामाजिक जागरूकता और बाबा साहब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक माध्यम बनेगा। इस अवसर पर भारी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस मांग का समर्थन किया।







