मजबूत लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष मतदाता सूची अनिवार्य: जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया सुनवाई प्रक्रिया का औचक निरीक्षण

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जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय विकास भवन सभागार में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत ईआरओ और एईआरओ की सुनवाई का निरीक्षण करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई,(जालौन)।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित सभागार और जनपद के विभिन्न मतदेय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से उन प्रकरणों की समीक्षा की, जिनमें मतदाताओं को नोटिस निर्गत किए गए थे और वर्तमान में उन पर सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है।

नोटिस प्रकरणों पर ईआरओ और एईआरओ की पैनी नजर

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उन मतदाताओं से संबंधित फाइलों और अभिलेखों का गहन परीक्षण किया, जिनकी मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी थी। नियमानुसार, ऐसे सभी मतदाताओं को पूर्व में नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। जिलाधिकारी ने स्वयं उपस्थित होकर देखा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) किस प्रकार साक्ष्यों का मिलान कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुनवाई की यह प्रक्रिया पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित और डिजिटल मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर

​विकास भवन सभागार में अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का मूल उद्देश्य “कोई भी मतदाता न छूटे” के संकल्प को सिद्ध करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:

  1. ​प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।
  2. ​सुनवाई के दौरान संवेदनशीलता बरती जाए ताकि किसी भी पात्र नागरिक को अनावश्यक परेशानी न हो।
  3. ​दस्तावेजों के सत्यापन में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

​उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है, इसलिए हर दावे और आपत्ति का निस्तारण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।

युवा मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर: अग्रिम आवेदन की सुविधा

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित आम जनमानस और विशेषकर युवाओं से भी संवाद किया। उन्होंने अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग ने अब अहर्ता तिथि के नियमों में लचीलापन प्रदान किया है।

​उन्होंने बताया कि ऐसे युवा जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन वर्ष के आगामी क्वार्टर (01 अप्रैल, 01 जुलाई, या 01 अक्टूबर 2026) में 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे भी फॉर्म-6 के माध्यम से अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के साथ निर्धारित ‘घोषणा पत्र’ संलग्न करना अनिवार्य है, जिसके बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा।

प्रशासनिक मुस्तैदी से मतदाताओं में उत्साह

​जिलाधिकारी के इस सक्रिय रुख से निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों में तत्परता देखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं और बीएलओ की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य चेक करें और यदि कोई सुधार या नया नाम जुड़वाना हो, तो तत्काल संबंधित फॉर्म भरकर निर्वाचन प्रक्रिया को सशक्त बनाने में अपना सहयोग दें।

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