नवाचार की गूंज: एबेनेज़र पब्लिक स्कूल के नन्हे वैज्ञानिकों ने विज्ञान और कला प्रदर्शनी में बिखेरी अपनी प्रतिभा की चमक

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्र के भीतर छिपी रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को निखारने का एक माध्यम है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए, नगर के लौना रोड स्थित प्रतिष्ठित एबेनेज़र पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को भव्य विज्ञान प्रदर्शनी, हस्तशिल्प मेला एवं फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर न केवल अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया, बल्कि समाज को पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति एक गंभीर संदेश भी दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम का आगाज़
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय व्यवसायी संजीव अग्रवाल द्वारा किया गया। आयोजन की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति और ज्ञान की चेतना से भर गया। इसके पश्चात, स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सुमधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों का अभिनंदन किया।
विज्ञान और पर्यावरण: भविष्य की ओर बढ़ते कदम
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण विज्ञान खंड रहा, जहाँ कक्षा 5 से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच को धरातल पर उतारा। छात्रों ने आधुनिक युग की सबसे बड़ी चुनौतियों—सौर ऊर्जा (Solar Energy), जल संरक्षण (Water Conservation) और प्रदूषण नियंत्रण (Pollution Control)—पर आधारित क्रियाशील मॉडल (Working Models) प्रस्तुत किए।
बच्चों ने यह समझाने का प्रयास किया कि कैसे सौर ऊर्जा के माध्यम से हम बिजली की कमी को दूर कर सकते हैं और वर्षा जल संचयन के जरिए भविष्य के जल संकट को टाला जा सकता है। अतिथियों ने प्रत्येक मॉडल का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और बच्चों के तकनीकी ज्ञान की जमकर सराहना की।
हस्तशिल्प और स्वच्छता का अनूठा संगम
कला और हस्तशिल्प प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता के रंग बिखेरे। बच्चों ने रद्दी कागज (Waste Paper) और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग कर सुंदर कलाकृतियां, रंगबिरंगी पेंटिंग और सजावटी सामान तैयार किए। यह प्रदर्शनी ‘वेस्ट टू बेस्ट’ (Waste to Best) के सिद्धांत को चरितार्थ कर रही थी।
इसके साथ ही, विद्यालय परिसर में लगाए गए फूड स्टॉल में बच्चों का उद्यमशीलता (Entrepreneurship) कौशल देखने को मिला। समोसे, चाट, सैंडविच, वेज बिरयानी, गोलगप्पे और चाउमीन जैसे व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे। विशेष बात यह रही कि बच्चों ने स्वाद के साथ-साथ स्वच्छता (Sanitation) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कचरे के निस्तारण और साफ-सफाई के प्रति आगंतुकों को जागरूक कर यह संदेश दिया कि खान-पान के व्यवसाय में स्वच्छता सर्वोपरि है।
प्रतिभाशाली सहभागियों की सूची
इस आयोजन में आयुष्मान तिवारी, मान्य, साक्षी, दिव्या, राखी, आयत, अर्पिता, गौरी, नीतू, समृद्धि, वेदिका, आरबी, शिवकुमार, रुद्र कुमार, अभिराज, देवांश, अभय, नंदू, लक्ष्य, सादिक, आदित्य, जुनैद, झिलमिल, समृद्धि, यशिका, नव्या, अपेक्षा, सालिया, पूर्वी, देव, मधुर, रूद्र, अभय, साजिद, संजीव, नेहा, नव्या, तनु, रहनुमा, श्रेयांशी, अंशिका, साक्षी, ध्रुव पटेल, नैतिक, रूद्र, मानव, दर्पण, अंश, आलोक, देवांश, गोपालजी, न्यासा, अर्चिता, प्रियम, सदिया, सौम्या, दर्श, वैष्णवी, आराध्या, प्रिंस, देवराज, रणबीर, ओम और सत्यम सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रतिभाग किया।
प्रबंधक और प्रधानाचार्या का संबोधन
विद्यालय के प्रबंधक ए.एक्स. जोसेफ और प्रधानाचार्या के.जी. ग्रेसी ने सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जिज्ञासा और नई चीजों को खोजने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है। विज्ञान प्रदर्शनी से न केवल उनकी तार्किक क्षमता बढ़ती है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास का भी संचार होता है।”
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और नगर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






