विज्ञापन | ADVERTISEMENT
बिसम्भर जनसेवा केंद्र विज्ञापन लियाकत टी स्टॉल बरेली विज्ञापन जनसेवा केंद्र विज्ञापन इंडियन मेडिकल स्टोर बरेली विज्ञापन
Administration Crime Jalaun Law & Justice News Orai Politics Public Issues Uttar Pradesh

नारी गरिमा पर चोट: उरई कलेक्ट्रेट में सजायाफ्ता आसाराम के पोस्टरों का उग्र विरोध, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

उरई कलेक्ट्रेट में महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समूह, हाथों में ज्ञापन लिए हुए सजायाफ्ता आसाराम के पोस्टरों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के प्रशासनिक केंद्र उरई में शुक्रवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने के खिलाफ था। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पोस्टर तत्काल हटाने और इसके पीछे जिम्मेदार तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

​नारी सम्मान के विरुद्ध बताया पोस्टर अभियान

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं समाज सेविका दीपशिखा श्रीवास ने कड़े शब्दों में कहा कि एक सजायाफ्ता अपराधी, जिसने देश की कानून व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता को शर्मसार किया है, उसका सार्वजनिक महिमामंडन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आसाराम के पोस्टर लगाकर समाज को गलत संदेश देने की कोशिश की जा रही है। महिलाओं का तर्क है कि ऐसे अपराधियों के पोस्टर लगाना न केवल पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, बल्कि यह देश की आधी आबादी की गरिमा को भी खुली चुनौती है।

​प्रशासनिक हस्तक्षेप और ‘बेटी बचाओ’ अभियान का हवाला

​प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की नाक के नीचे एक यौन अपराधी का प्रचार हो रहा है। मांडवी निरंजन और डॉ. श्रद्धा चौरसिया ने संयुक्त रूप से कहा कि ऐसे कृत्यों से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पनपता है। प्रदर्शन के दौरान अनुराधा कठेरिया, किरण चौधरी, संगीता चौधरी और सुमन गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

​राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन: सख्त कार्रवाई की मांग

​प्रदर्शनकारी उरई कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के माध्यम से देश के सर्वोच्च पद, राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई हैं:

  1. ​शहर और सार्वजनिक स्थलों से सभी आपत्तिजनक पोस्टरों को तत्काल हटाया जाए।
  2. ​इन पोस्टरों को लगाने वाले आयोजकों और षड्यंत्रकारियों की पहचान कर उन पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
  3. ​भविष्य में किसी भी सजायाफ्ता अपराधी के इस तरह के प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

​प्रदर्शन में देवेश चौरसिया, शिवा चिल्ली, महेश चिल्ली, योगेंद्र पटेल, गौरव चौधरी, जगदीश गुप्त, नेतराम निरंजन और मिलन चिल्ली जैसे सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

​प्रशासन का रुख और आश्वासन

​मामले की गंभीरता और लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति या सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति और आपत्तिजनक सामग्री का प्रदर्शन गैर-कानूनी है। अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की जांच करें और यदि पोस्टर अवैध पाए जाते हैं, तो उन्हें हटाकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया शुरू की जाए।

​यह घटना अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है और नागरिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

About The Author

Leave a Reply