उरई: जिला न्यायालय के गेट पर सरेराह चले लात-घूंसे; युवती पर छींटाकशी को लेकर भिड़े दो गुट, वीडियो वायरल

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उरई के जिला एवं सत्र न्यायालय के गेट नंबर 3 के बाहर दो गुटों के बीच हाथापाई और मारपीट का दृश्य

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): जनपद के कानून व्यवस्था के केंद्र माने जाने वाले जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के बाहर शुक्रवार को मर्यादाओं की धज्जियां उड़ती नजर आईं। उरई स्थित कोर्ट परिसर के गेट नंबर-3 के ठीक बाहर युवकों के दो गुटों के बीच जमकर हिंसक संघर्ष हुआ। इस घटना ने न केवल वहां मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया, बल्कि न्याय के मंदिर की दहलीज पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।

विवाद का कारण: युवती पर टिप्पणी बनी चिंगारी

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे बवाल की जड़ एक युवती पर की गई अभद्र टिप्पणी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एक गुट के युवक ने दूसरे गुट के साथ आई युवती पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। पहले दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। दोनों गुटों के युवक एक-दूसरे पर भेड़ियों की तरह टूट पड़े।

सरेराह तमाशा: लात-घूंसे और बाल खींचकर की गई मारपीट

​हंगामे का आलम यह था कि गेट नंबर-3 के बाहर काफी देर तक लात-घूंसे चलते रहे। युवक एक-दूसरे के बाल खींचकर सड़क पर पटकते नजर आए। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण वहां भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन युवाओं के आक्रोश को देखकर शुरुआती पलों में कोई भी हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मी पास ही मौजूद थे, लेकिन उनकी शिथिलता के कारण स्थिति कुछ समय के लिए बेकाबू बनी रही। बाद में स्थानीय दुकानदारों और पुलिस के सामूहिक प्रयास से दोनों पक्षों को अलग किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘न्याय के द्वार’ पर अन्याय का वीडियो

​इस पूरी शर्मनाक घटना को वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर आग की तरह फैल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवक कानून का खौफ भूलकर सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि न्यायालय परिसर के बाहर ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और सरेआम मारपीट हो रही है, तो शहर के अन्य हिस्सों में सुरक्षा की क्या गारंटी होगी?

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठते सवाल

​कोर्ट परिसर के आसपास अमूमन पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रहती है, इसके बावजूद इतनी बड़ी वारदात का होना सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गेट नंबर-3 के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।

​इस मामले पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले युवकों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो साक्ष्य के आधार पर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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