दहेज उत्पीड़न से त्रस्त विवाहिता की संदिग्ध मौत, 6 साल से चल रहे केस के बीच टूटी जिंदगी—परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक महिला की फाइल फोटो
कोर्ट में पति से मुलाकात के बाद बढ़ा तनाव, मेडिकल कॉलेज उरई में इलाज के दौरान हुई मौत
रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद जालौन |UPSAMVAD
उरई(जालौन) :जालौन जिले के उरई क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजन न्याय की मांग को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
6 साल से चल रहा था दहेज उत्पीड़न का मुकदमा
मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में कुसमिलिया गांव निवासी रूबी राठौर की शादी जालौन कोतवाली क्षेत्र के धंतौली गांव के एक युवक से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही विवाहिता को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। लगातार बढ़ती यातनाओं से परेशान होकर रूबी ने न्यायालय की शरण ली। पिछले छह वर्षों से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
कोर्ट परिसर में हुई मुलाकात बनी तनाव की वजह
बताया जा रहा है कि दहेज उत्पीड़न के चलते रूबी अपने मायके में रह रही थी। बीते शनिवार को वह कोर्ट में पेशी के लिए गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात उसके पति से हुई। परिजनों का आरोप है कि कोर्ट परिसर में ही पति ने उसे धमकाया और अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाया। साथ ही तलाक लेने के लिए भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
तनाव के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
परिजनों के अनुसार, इस घटना के बाद रूबी गहरे मानसिक तनाव में चली गई। शनिवार देर रात उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज उरई ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के आरोप और न्याय की मांग
मृतका के परिवार ने ससुराल पक्ष पर लगातार धमकियां देने और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य मौत नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे उत्पीड़न का परिणाम है। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और उससे जुड़े अपराधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के सामने खड़ी उस सच्चाई को भी उजागर करता है, जहां दहेज जैसी कुप्रथा आज भी महिलाओं की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।






