कृषक समृद्धि की दिशा में जालौन की मजबूत पहल, राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने योजनाओं की प्रगति पर जताया संतोष

कलेक्ट्रेट सभागार उरई में आयोजित बैठक में अधिकारियों के साथ कृषि योजनाओं की समीक्षा करते प्रभारी राज्यमंत्री कुलजीत सिंह
उरई में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, कृषि एवं संबद्ध विभागों के कार्यों को सराहा—पारदर्शिता और गुणवत्ता पर दिया जोर
रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद जालौन |UPSAMVAD
उरई(जालौन): जालौन जनपद में किसानों की समृद्धि को लेकर किए जा रहे प्रयासों को नई दिशा मिलती दिखाई दे रही है। उरई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कृषक समृद्धि आयोग, उत्तर प्रदेश शासन के प्रभारी एवं सदस्य तथा दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। राज्यमंत्री ने विभागीय कार्यों की बारीकी से समीक्षा करते हुए कई पहलुओं पर संतोष व्यक्त किया।
किसानों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ
राज्यमंत्री ने कहा कि जालौन जिले में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो रहा है। इसका सीधा लाभ पात्र किसानों और लाभार्थियों को समय पर मिल रहा है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चलाई जा रही योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इसी तरह योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता रहा, तो जिले के किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगे।
विभागों के समन्वय पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान सहकारिता, पशुधन, मत्स्य, उद्यान, रेशम, ऊर्जा, सिंचाई, लघु सिंचाई, वन तथा खाद्य एवं रसद जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने कहा कि इन सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही कृषक समृद्धि की राह को आसान बनाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विभाग मिलकर काम करें, तो योजनाओं का लाभ अधिक व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचाया जा सकता है।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसमें पारदर्शिता एवं गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।”
साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि आधुनिक तकनीकों के जरिए किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके।
कृषि विकास की ओर बढ़ता जालौन
जालौन जिले में इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन कृषि विकास को लेकर गंभीर है। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम भविष्य में जिले के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
यह पहल न केवल किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।






