उरई में घर में घुसकर चोरी का प्रयास, विरोध करने पर मारपीट—आरोपी पकड़ा गया, फिर भी मुकदमा दर्ज न होने पर पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार

प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ित SP के पास पहुंचा ।
ग्रामीणों की मदद से एक आरोपी पकड़ा गया, बाकी फरार—पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप
रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद जालौन |UPSAMVAD
उरई(जालौन): जालौन जनपद के उरई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। कैलिया थाना क्षेत्र के ग्राम बरहल में 18 अप्रैल 2026 की तड़के एक घर में घुसकर चोरी का प्रयास किया गया। इस दौरान विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित सद्दाम हुसैन ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की मांग की है।
छत के रास्ते घर में घुसे आरोपी
पीड़ित के अनुसार, घटना सुबह करीब 3 बजे की है, जब वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान गांव का ही अनिल गुर्जर अपने 3-4 अज्ञात साथियों के साथ छत के रास्ते घर में घुस आया।
आरोप है कि सभी आरोपी चोरी की नीयत से घर में दाखिल हुए और अलमारी व बक्सों के ताले तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी निकालने लगे।
विरोध करने पर मारपीट और धमकी
चोरी के दौरान आहट होने पर परिवार के लोग जाग गए और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर डराने की कोशिश की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित सद्दाम हुसैन ने जब विरोध किया, तो मुख्य आरोपी ने डंडे से उनके पैर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए।
ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचाघटना के दौरान मचे शोर-शराबे को सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने भाग रहे आरोपियों में से अनिल गुर्जर को पकड़ लिया, जबकि उसके अन्य साथी मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपी को थाने ले गई।
मुकदमा दर्ज न होने पर उठे सवाल
पीड़ित का आरोप है कि वह अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ थाना कैलिया पहुंचे और लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए उन्हें अस्पताल भेजा और बाद में उरई रेफर कर दिया।
लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद भी आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई है।
एसपी से हस्तक्षेप की मांग
न्याय की उम्मीद में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक जालौन से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है ।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। एक आरोपी के पकड़े जाने के बावजूद मुकदमा दर्ज न होना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक स्तर पर इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।






