नाबालिग हत्याकांड: तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों का फूटा दर्द, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन) : जनपद के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रूद्रपुरा में हुए बहुचर्चित नाबालिग हत्याकांड में अब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। न्याय की आस में भटक रहे मृतक के पिता ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी विनय कुमार सिंह को शिकायती पत्र सौंपा और फरार आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। एसपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस की अब तक की कार्रवाई
विदित हो कि माधौगढ़ के रुद्रपुरा गांव में कुछ समय पूर्व नाबालिग कमल प्रताप सिंह उर्फ कुक्के की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने माधौगढ़ कोतवाली में बीएनएस की धारा 137(2), 103(1) और 238 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों, रोहित याज्ञिक और तेजप्रताप उर्फ तेजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से एक अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल भी हुआ था। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अन्य नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
परिजनों ने लगाया राजनीतिक संरक्षण का आरोप
पीड़ित पिता परमाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नामजद आरोपी विक्रम, सुनील (दोनों पुत्र जगमोहन) और रंजीत (पुत्र पप्पू सिंह) अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि इन आरोपियों को प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते स्थानीय पुलिस इनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने या इन्हें पकड़ने में कतरा रही है।
परमाल सिंह ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने पूर्व में एक आरोपी के पिता को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जेल भेजे गए अभियुक्तों ने पूछताछ में अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की है, फिर भी विवेचना की गति धीमी होना संदेह पैदा करता है।
हत्या के पीछे की खौफनाक वजह: दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का एंगल
शिकायती पत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, हत्या की इस जघन्य वारदात से कुछ दिन पहले आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के साथ कुकृत्य (दुष्कर्म) किया था और उसका वीडियो बना लिया था। जब मृतक कमल प्रताप को इस शर्मनाक कृत्य और वीडियो की जानकारी हुई, तो आरोपियों ने साक्ष्यों को मिटाने और मामले को दबाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची। साजिश के तहत कमल प्रताप को बुलाया गया, उसकी हत्या की गई और पहचान छिपाने की नीयत से शव को मिट्टी में दबा दिया गया।
पीड़ित परिवार की मांग: कुर्की और निष्पक्ष जांच
मृतक के परिजनों ने मांग की है कि फरार चल रहे तीनों आरोपियों के खिलाफ तत्काल कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाए और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, उन्हें अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने एसपी से बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।
पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक वक्तव्य
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक जालौन, विनय कुमार सिंह ने गंभीरता व्यक्त करते हुए कहा:
”रुद्रपुरा गांव में एक दुखद घटना हुई थी, जिसमें सजातीय लोगों द्वारा ही एक बच्चे की हत्या कर शव को छुपाया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का सफल अनावरण किया है और दो मुख्य आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। विवेचना अभी प्रचलित है। साक्ष्य संकलन के आधार पर फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। कानून अपना काम कर रहा है और जल्द ही शेष आरोपियों के विरुद्ध भी कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
वर्तमान में रुद्रपुरा गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और ग्रामीणों की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय दिला पाती है।







