आंधी-तूफान का बड़ा असर: जालौन में 7 घंटे तक आटा स्टेशन पर खड़ी रही अमृत भारत एक्सप्रेस, यात्रियों ने झेली भारी परेशानी

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आटा रेलवे स्टेशन पर कई घंटों तक खड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के बाहर और प्लेटफॉर्म पर इंतजार करते यात्री, आंधी-तूफान के बाद बाधित रेल संचालन का दृश्य।

आटा रेलवे स्टेशन पर कई घंटों तक खड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के बाहर और प्लेटफॉर्म पर इंतजार करते यात्री, आंधी-तूफान के बाद बाधित रेल संचालन का दृश्य।

झांसी-कानपुर रेलखंड पर बाधित हुआ संचालन, रातभर इंतजार करते रहे यात्री

रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद जालौन |UPSAMVAD

आटा(जालौन) : जालौन जिले में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान का असर रेल संचालन पर भी साफ दिखाई दिया। खराब मौसम के चलते झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया, जिसके कारण गोरखपुर से पुणे जा रही अमृत भारत एक्सप्रेस को आटा रेलवे स्टेशन पर करीब सात घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। लंबे समय तक ट्रेन के स्टेशन पर रुके रहने से सैकड़ों यात्रियों को रातभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


जानकारी के अनुसार अमृत भारत एक्सप्रेस रात लगभग एक बजे आटा रेलवे स्टेशन पहुंची थी, लेकिन आगे रेल संचालन बाधित होने के कारण ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। ट्रेन सुबह 7 बजकर 38 मिनट पर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकी। इस दौरान यात्री पूरी रात ट्रेन और स्टेशन परिसर में फंसे रहे।


पानी खत्म होने से बढ़ी मुश्किलें


ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर सामने आई। यात्रियों के मुताबिक रात बीतने के साथ ही ट्रेन में उपलब्ध पानी खत्म हो गया। इसके चलते यात्रियों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। सुबह तक स्थिति और गंभीर हो गई जब ट्रेन के शौचालयों में भी पानी समाप्त हो गया।
पानी की कमी के कारण यात्रियों को स्टेशन परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ा। कई लोग पानी की तलाश में प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्रों में जाते दिखाई दिए। शौचालयों में पानी न होने से यात्रियों को अतिरिक्त असुविधा का सामना करना पड़ा।


बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर सबसे अधिक असर


ट्रेन के लंबे समय तक रुके रहने का सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों पर पड़ा। रातभर जागकर ट्रेन के चलने का इंतजार करना उनके लिए बेहद कठिन साबित हुआ। कई परिवार अपने बच्चों को संभालते नजर आए, जबकि बुजुर्ग यात्रियों को भी असुविधाजनक परिस्थितियों में समय बिताना पड़ा।
कुछ यात्री प्लेटफॉर्म पर बैठकर रात गुजारते दिखाई दिए तो कुछ स्टेशन की बेंचों पर लेटकर आराम करने की कोशिश करते रहे। मौसम और अनिश्चितता के कारण यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती रही।


स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से बढ़ी बेचैनी


यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर यह आरोप भी लगाया कि ट्रेन के संचालन को लेकर उन्हें समय-समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। ट्रेन कब रवाना होगी, इस संबंध में सटीक सूचना न मिलने से यात्रियों में बेचैनी और असमंजस का माहौल बना रहा।
कई यात्रियों का कहना था कि यदि उन्हें देरी की अवधि के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल जाती तो वे अपनी सुविधा के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर सकते थे। जानकारी के अभाव में अधिकांश यात्री पूरी रात इंतजार करने को मजबूर रहे।


कई यात्रियों ने चुना वैकल्पिक रास्ता


झांसी और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले कुछ यात्रियों ने लंबे इंतजार से परेशान होकर बसों और अन्य साधनों का सहारा लेना बेहतर समझा। सुबह होते ही कई यात्री ट्रेन छोड़कर अपने गंतव्य के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो गए।
हालांकि, जब सुबह करीब 7:38 बजे अमृत भारत एक्सप्रेस ने दोबारा अपनी यात्रा शुरू की तो ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। लगभग सात घंटे की देरी और तमाम कठिनाइयों के बाद ट्रेन के रवाना होने से यात्रियों की चिंता समाप्त हुई। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि खराब मौसम के दौरान रेल संचालन प्रभावित होने पर यात्रियों को समय पर सूचना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना कितना महत्वपूर्ण है।

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