नीट पेपर लीक के खिलाफ जालौन के छात्रों का उबाल: गांधी चबूतरे पर दिया धरना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) में कथित धांधली और पेपर लीक के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी चबूतरे पर आज बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने भविष्य की परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भविष्य अंधकारमय होने की चिंता
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद जब वे परीक्षा में शामिल होते हैं, तो पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके मनोबल को तोड़ देती हैं। उरई के गांधी चबूतरे पर आयोजित इस विरोध सभा में छात्रों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से उनका भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।
छात्रा कंचन सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा, “हम रात-दिन एक करके नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करते हैं। लेकिन जब पता चलता है कि पेपर पहले ही लीक हो चुका है, तो ऐसा लगता है कि हमारी मेहनत का कोई मूल्य नहीं है। यह केवल एक परीक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और अधिक गंभीर हो गया जब छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी। छात्रों का तर्क है कि जब देश की इतनी बड़ी परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था फेल हो गई है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
छात्र अनुपम कुमार ने कहा, “नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता जिम्मेदार है। हम मांग करते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपना इस्तीफा दें। यदि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, तो उन्हें कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो।”
प्रशासनिक तंत्र के सामने चुनौती
उरई कोतवाली क्षेत्र के व्यस्ततम गांधी चबूतरे पर छात्रों का यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो और इसमें शामिल माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि वे अब और अधिक धांधली बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन (Systemic Reform) की आवश्यकता है, ताकि मेधावी छात्रों का हक न मारा जा सके।
समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही थी और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश के युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अब व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।






