​आशीर्वाद होटल बावर्ची मौत मामला: बाउंसर पर हत्या की चार्जशीट, भाजपा नेता के बेटे पर आर्म्स एक्ट; पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति को क्लीन चिट

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​जालौन के कोंच स्थित आशीर्वाद होटल का दृश्य और पुलिस कार्रवाई की प्रतीकात्मक तस्वीर, जिसमें जांच टीम और सुरक्षा घेरा दिखाई दे रहा है।

कोंच (जालौन): जनपद के कोंच कस्बे में स्थित चर्चित ‘आशीर्वाद होटल’ में चार माह पूर्व हुई बावर्ची महेश अहिरवार की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी कर ली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस ने होटल के बाउंसर को हत्या का मुख्य आरोपी ठहराया है, जबकि भाजपा नेता के पुत्र को अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में एक बड़े नाम को इस मामले से बाहर कर दिया गया है।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

​घटना पिछले वर्ष 29 अक्तूबर की रात की है। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर निवासी 40 वर्षीय महेश अहिरवार कोंच के आशीर्वाद होटल में बावर्ची के रूप में कार्यरत था। होटल के कमरा नंबर 115 में महेश का शव लहूलुहान अवस्था में मिला था। उसके सीने में गोली लगी थी। घटनास्थल का नजारा बेहद संदिग्ध था; वहां से एक रिपीटर बंदूक, शराब का गिलास, सिगरेट और अधखाया भोजन बरामद हुआ था। मृतक की पत्नी नंदनी ने होटल संचालक हिमांशु निरंजन पर प्रताड़ना और हत्या की साजिश का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

बाउंसर बना मुख्य आरोपी, नेता पुत्र पर शस्त्र अधिनियम

​पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित तीन विशेष टीमों की गहन जांच के बाद यह साफ हुआ कि घटना वाली रात बाउंसर संदीप कुमार (निवासी हरियाणा) की भूमिका संदिग्ध थी। वैज्ञानिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का मिलान करने के बाद पुलिस ने संदीप कुमार के खिलाफ हत्या की धारा में चार्जशीट दाखिल की है।

​दूसरी ओर, होटल संचालक और भाजपा नेता के बेटे हिमांशु निरंजन के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) के तहत कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि जिस हथियार से घटना हुई या जो वहां मौजूद था, उसके रखरखाव और वैधानिकता में लापरवाही बरती गई थी।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति को मिली राहत

​इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन के पति देवेंद्र निरंजन उर्फ ‘छुन्ना’ के नाम को लेकर था। घटना के बाद से ही विपक्षी दलों और स्थानीय स्तर पर उनके नाम को लेकर काफी चर्चाएं थीं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान देवेंद्र निरंजन के खिलाफ कोई भी ठोस या प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला। साक्ष्यों के अभाव में पुलिस ने उन्हें आरोपमुक्त करते हुए उनका नाम जांच से बाहर कर दिया है।

आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा रहा मामला

​शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा हुआ प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने दोनों ही पहलुओं पर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल की परिस्थितियों और घाव के निशान ने हत्या की ओर इशारा किया, जिसके बाद बाउंसर की गिरफ्तारी और अब चार्जशीट की कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

क्षेत्र में चर्चा का विषय

​बता दें कि देवेंद्र निरंजन की पत्नी सुमन निरंजन वर्ष 2016 से 2020 तक जालौन की जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। इसी कार्यकाल के दौरान इस भव्य आशीर्वाद होटल का निर्माण हुआ था, जो क्षेत्र में अपनी रसूख के लिए जाना जाता है। इस हत्याकांड ने जिले की सियासत और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। अब मामला न्यायालय में है, जहां दाखिल चार्जशीट के आधार पर आगे का विचारण (Trial) शुरू होगा।

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