जालौन: अपहरण और ‘लव जिहाद’ के दावे में बड़ा उलटफेर, युवती के बयान ने पुलिस और परिवार को कटघरे में खड़ा किया

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ब्रेकिंग जालौन: लव जिहाद case

​कोंच(जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने जिले की सियासत और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिसे कुछ समय पहले तक ‘अपहरण’ और ‘लव जिहाद’ का रूप देकर पेश किया जा रहा था, उस मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। मामले की मुख्य कड़ी यानी युवती ने खुद सामने आकर एक न्यूज़ चैनल पर अपना बयान जारी किया है, जिससे पूरी कहानी ही बदल गई है।

क्या है पूरा मामला?

​बीते दिनों कोंच कोतवाली क्षेत्र में एक युवती के गायब होने पर परिजनों ने भारी हंगामा किया था। युवती के पिता ने कोतवाली पहुंचकर समाजवादी पार्टी के यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष रिजवान मंसूरी उर्फ छोटू टाइगर समेत दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया है। देखते ही देखते इस मामले को ‘लव जिहाद’ का नाम देकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश शुरू हो गई।

​तथाकथित संगठनों और स्थानीय लोगों ने थाने पर बैठकर भारी दबाव बनाया, जिसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में बिना किसी गहन तहकीकात के मुकदमा दर्ज कर लिया और सपा नेता रिजवान मंसूरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

युवती के बयान ने मचाई खलबली

​अब इस पूरे घटनाक्रम में युवती का वीडियो बयान सामने आया है। युवती ने अपने परिवार पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि:

​”मेरे घरवाले मेरा जबरन विवाह कहीं और करना चाहते थे। मैं अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी जीना चाहती हूँ, इसलिए मैंने घर से निकलने का कदम उठाया। मेरे साथ कोई अपहरण नहीं हुआ और न ही इसमें कोई ‘लव जिहाद’ जैसा मामला है।”

​युवती के इस बयान के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना किसी ठोस सबूत और बिना युवती का पक्ष जाने एक राजनीतिक व्यक्ति को गिरफ्तार कैसे कर लिया गया?

सियासी और सांप्रदायिक दबाव का आरोप

​क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर इस निजी पारिवारिक कलह को सांप्रदायिक मुद्दा बनाया ताकि शहर का माहौल खराब किया जा सके। पुलिस पर यह आरोप लग रहा है कि उन्होंने भीड़ और बाहरी दबाव में आकर निष्पक्ष जांच नहीं की। रिजवान मंसूरी की गिरफ्तारी को लेकर उनके समर्थकों में भी आक्रोश है, जिनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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