जालौन: कालपी में बेखौफ बदमाशों का तांडव, दिनदहाड़े महिला को बातों में उलझाकर लूटे सोने-चांदी के जेवर

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन/कालपी: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें पुलिस के इकबाल का कोई खौफ नहीं रह गया है। ताजा मामला कालपी कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है, जहां बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने एक वृद्ध महिला को अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने न केवल महिला को अपनी बातों के जाल में फंसाया, बल्कि दिनदहाड़े उनके शरीर से सोने-चांदी के आभूषण छीनकर फरार हो गए। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल व्याप्त है।
खेत पर जाते समय घात लगाकर बैठे लुटेरों ने बनाया निशाना
प्राप्त विवरण के अनुसार, कालपी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम काशीरामपुर की निवासी सरोज (पत्नी स्वर्गीय बाबू) बीते 15 फरवरी की दोपहर लगभग 3 बजे अपने घर से खेतों की ओर जा रही थीं। जैसे ही वह गांव के सुनसान रास्ते पर पहुंचीं, तभी अचानक एक लाल और काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां आकर रुके। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़िता के अनुसार, दोनों युवकों की उम्र कम थी और वे पेशेवर अपराधियों की तरह व्यवहार कर रहे थे।
बातों में उलझाकर वारदात को दिया अंजाम
बदमाशों ने शातिराना अंदाज अपनाते हुए पहले सरोज को रोका और किसी बहाने से उनसे बातचीत शुरू कर दी। जब महिला उनकी बातों में उलझ गई और उसका ध्यान भटक गया, तभी मौका पाकर बदमाशों ने झपट्टा मारा। लुटेरों ने सरोज के कानों में पहने सोने के कुंडल, गले में मौजूद ‘ओम’ का लॉकेट और पैरों में पहनी चांदी की भारी तोड़ियां जबरन उतार लीं। विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया और अपनी तेज रफ्तार बाइक से मौके से रफूचक्कर हो गए।
दहशत के कारण शिकायत में हुई देरी
लूट की इस अचानक हुई वारदात से वृद्धा सरोज इस कदर सहम गईं कि वह मौके पर शोर भी नहीं मचा सकीं। सदमे और घबराहट के कारण उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी। घर पहुंचने और परिजनों को आपबीती सुनाने के बाद, साहस जुटाकर वह कालपी कोतवाली पहुंचीं और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लिखित तहरीर दी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए कालपी कोतवाली पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की विवेचना का जिम्मा अनुभवी उपनिरीक्षक विपिन कुमार को सौंपा गया है।
पुलिस प्रशासन का वक्तव्य:
”हमने पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए हैं और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्ध मोटरसाइकिल और हुलिए के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
दिनदहाड़े हुई इस लूट ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सुनसान रास्तों पर पुलिस की मौजूदगी न होने के कारण बदमाशों के हौसले बढ़ रहे हैं। काशीरामपुर और आसपास के इलाकों में अब महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में पुलिस पिकेट बढ़ाने की मांग की है।







