जालौन में 8वीं के छात्र ने साड़ी का फंदा बना खत्म की जीवनलीला, घर में पसरा मातम, जांच में जुटी पुलिस

मृतक की फाइल फोटो
रिपोर्ट-साजिद जालौन | UP SAMVAD
उरई/जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हरौली में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही घर के भीतर साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी की लहर दौड़ गई है।
परिजनों की अनुपस्थिति में उठाया आत्मघाती कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरौली गांव का निवासी यह छात्र महज 13-14 वर्ष का था और स्थानीय स्कूल में कक्षा 8वीं का छात्र था। बुधवार की सुबह जब घर के अन्य सदस्य अपने रोजमर्रा के कृषि कार्यों और अन्य कामकाज के सिलसिले में खेतों पर गए हुए थे, तब छात्र घर में अकेला था। इसी दौरान, किन परिस्थितियों और मानसिक तनाव के वशीभूत होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया, यह अभी भी एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है। छात्र ने घर के अंदर कमरे में रखी एक साड़ी का उपयोग फंदा बनाने के लिए किया और अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
खेतों से लौटे परिजनों के उड़े होश
दोपहर के वक्त जब परिवार के सदस्य काम निपटाकर घर वापस लौटे, तो घर का सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। कमरे का दरवाजा खोलने पर परिजनों ने छात्र के शव को साड़ी के फंदे से लटका पाया। यह मंजर देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से फंदे को काटकर छात्र को नीचे उतारा गया और उम्मीद की एक क्षीण किरण के साथ परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) माधौगढ़ ले गए।
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने तोड़ी उम्मीद
सीएचसी माधौगढ़ में तैनात चिकित्सकों ने छात्र का गहन परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया। अस्पताल से मौत की पुष्टि होते ही परिजनों की चीत्कार से अस्पताल परिसर गूंज उठा। मासूम की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, ग्रामीणों का हुजूम पीड़ित के घर और अस्पताल की ओर उमड़ पड़ा।
पुलिसिया कार्रवाई और अनसुलझे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही माधौगढ़ कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और शव को विच्छेदन (Post Mortem) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
कोतवाली प्रभारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि “प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।” पुलिस अब छात्र के मोबाइल फोन (यदि कोई था), उसके दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वह किसी मानसिक दबाव या परेशानी से गुजर रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस हर संभावित पहलू से मामले की जांच कर रही है। ग्रामीण अंचलों में कम उम्र के बच्चों में बढ़ते तनाव और ऐसे आत्मघाती कदमों ने समाजशास्त्रियों और विशेषज्ञों के सामने भी गहरी चिंता पैदा कर दी है।
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