जालौन: मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए SIR-2026 अभियान तेज, 2 लाख से अधिक नोटिसों पर होगी सुनवाई; जानें पूरी प्रक्रिया

उरई (जालौन): भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद जालौन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लोकतंत्र की बुनियाद यानी ‘मतदाता सूची’ को त्रुटिरहित, पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से जुटा हुआ है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक नामावली से विसंगतियों को दूर करना और पात्र मतदाताओं का नाम सूची में सुनिश्चित करना है।
घर-घर दस्तक दे रहे बीएलओ, पारदर्शी सुनवाई पर जोर
निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) वर्तमान में घर-घर जाकर उन मतदाताओं को नोटिस वितरित कर रहे हैं जिनकी प्रविष्टियों में सुधार की आवश्यकता है। यह प्रक्रिया केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का एक लोकतांत्रिक अवसर प्रदान करती है। मतदाताओं को नोटिस के माध्यम से सूचित किया जा रहा है कि वे निर्धारित तिथियों पर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष उपस्थित होकर अपनी पहचान और पात्रता सिद्ध कर सकें।
मतदाता सूची का वर्तमान स्वरूप और आंकड़े
अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी 2026 को पहले ही किया जा चुका है।
- कुल पंजीकृत मतदाता: जनपद में वर्तमान में कुल 10,85,501 मतदाता पंजीकृत हैं।
- लिंगवार विवरण: इनमें 6,00,001 पुरुष मतदाता, 4,85,448 महिला मतदाता और 52 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता सम्मिलित हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अंतिम प्रकाशन तक यह सूची पूरी तरह से शुद्ध और अपडेट हो जाए।
नोटिस वितरण और विसंगतियों का निस्तारण
आयोग द्वारा नोटिस सुनवाई की अवधि 06 जनवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक तय की गई है। आंकड़ों के अनुसार:
- चिन्हित मामले: 21 जनवरी 2026 तक नो-मैपिंग श्रेणी के 76,645 और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी के 1,42,797 मामलों सहित कुल 2,19,442 नोटिस चिन्हित किए गए हैं।
- सुनवाई की तैयारी: अब तक 79,002 नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं और 5,432 नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को रिसीव कराए जा चुके हैं। शेष नोटिसों को वितरित करने की कार्यवाही तेजी से चल रही है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
62 अधिकारियों की तैनाती और सत्यापन प्रक्रिया

सुनवाई प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए जिले में 62 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की तैनाती की गई है। मतदाता अपनी पहचान के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के वैध दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड आदि) में से कोई भी एक प्रस्तुत कर सकते हैं। इन दस्तावेजों का संबंधित विभागों से गहन सत्यापन कराने के बाद ही पात्र व्यक्तियों के नाम अंतिम सूची में जोड़े जाएंगे।
इस विशेष अभियान के बाद, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 06 मार्च 2026 को किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि आगामी निर्वाचनों के लिए एक अत्यंत सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार होगी।
मुहम्मद साजिद (मुख्य संस्थापक सीईओ), UP Samvad | उत्तर प्रदेश आधारित स्वतंत्र डिजिटल समाचार मंच। जनहित, तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों के साथ समाचारों के जिम्मेदार प्रकाशन हेतु प्रतिबद्ध।






