​कालपी: समाधान दिवस में डीएम का सख्त रुख, गैरहाजिर अधिकारियों का वेतन रोका; 113 में से 38 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

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कालपी तहसील में फरियादियों की समस्याएं सुनते जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार।

कालपी (जालौन): शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए शनिवार को जनपद की सभी तहसीलों में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। मुख्य आयोजन कालपी तहसील सभागार में हुआ, जहाँ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने फरियादियों की शिकायतों को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना।

​इस दौरान जिलाधिकारी ने न केवल समस्याओं का समाधान किया, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ‘हंटर’ चलाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

तहसीलवार शिकायतों का लेखा-जोखा

​जनपद की पांचों तहसीलों में कुल मिलाकर 113 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर पीड़ितों को राहत दी गई। तहसीलवार विवरण निम्नलिखित है:

  1. कालपी: सर्वाधिक 49 शिकायतें आईं, जिनमें से 17 का निस्तारण हुआ।
  2. उरई: 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, 8 का मौके पर समाधान हुआ।
  3. कोंच: 15 शिकायतें मिलीं, 5 का निस्तारण किया गया।
  4. माधौगढ़: 11 शिकायतों में से 4 का निपटारा हुआ।
  5. जालौन: 10 शिकायतें आईं, जिनमें से 4 का निस्तारण हुआ।

लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज

​समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी तब सख्त नजर आए जब उन्हें कुछ उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति की जानकारी मिली। बैठक से नदारद रहने वाले उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव, अपर मुख्य अधिकारी और श्रम परिवर्तन अधिकारी जगदीश कुमार की लापरवाही को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए और स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चकरोड विवादों पर विशेष फोकस

​जिलाधिकारी ने राजस्व और चक रोड से संबंधित शिकायतों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहाँ भी रास्ते या पैमाइश का विवाद है, वहां राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाए। स्थलीय निरीक्षण के बाद ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा— “शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण का वास्तविक मानक है।”

पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देश

​पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्यवाही की जाए ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

प्रशासनिक अमले की मौजूदगी

​इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, सीएमओ डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, एसडीएम मनोज सिंह, थाना प्रभारी अवधेश सिंह सहित जनपद स्तरीय अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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