कोई मतदाता न छूटे: जालौन में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान ने पकड़ी रफ्तार

उरई(जालौन): भारतीय लोकतंत्र की नींव ‘मतदान’ है और इस नींव को सशक्त बनाने के लिए एक सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जनपद जालौन में मतदाता सूची पुनरीक्षण का विशेष अभियान पूरी सक्रियता के साथ चलाया जा रहा है। शनिवार, 18 जनवरी 2026 को जनपद के समस्त मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) पर विशेष दिवस का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन रहा।
पारदर्शिता और जन-भागीदारी पर जोर
इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए”। अक्सर देखा जाता है कि चुनाव के समय कई मतदाताओं को सूची में नाम न होने या विवरण में त्रुटि होने के कारण मतदान से वंचित रहना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने सीधे जनता के बीच पहुँचने की रणनीति अपनाई है। जनपद के सभी बूथों पर बीएलओ ने उपस्थित नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया। इस प्रक्रिया से न केवल सूची की पारदर्शिता बढ़ी, बल्कि ग्रामीणों और शहरी निवासियों को मौके पर ही यह जानने का अवसर मिला कि उनका नाम सूची में शामिल है या नहीं।
मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं
अभियान को केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे ‘एक्शन-ओरिएंटेड’ बनाया गया। प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ के पास पर्याप्त मात्रा में संबंधित फॉर्म उपलब्ध कराए गए थे:
- फॉर्म-6: उन युवाओं के लिए जो पहली बार मतदाता बनने जा रहे हैं या जिनका नाम अब तक सूची में नहीं है।
- फॉर्म-7: उन नामों को हटाने के लिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अन्यत्र स्थानांतरित हो गए हैं।
- फॉर्म-8: नाम, आयु, पता या फोटो जैसी किसी भी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि में सुधार के लिए।
नागरिकों ने इस सुविधा का लाभ उठाते हुए मौके पर ही अपने आवेदन जमा किए, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
जिलाधिकारी का जमीनी निरीक्षण और संवाद
प्रशासनिक गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय स्वयं सुबह से ही क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने उरई और जालौन के विभिन्न केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग कार्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), टाउन हॉल, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय (नया पटेल नगर), छत्रसाल इंटर कॉलेज और जालौन बालिका इंटर कॉलेज सहित कई प्रमुख बूथों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बीएलओ के रजिस्टर चेक किए और उपस्थित नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवा और महिलाएं, इस सूची से बाहर नहीं रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से और पूरी निष्पक्षता के साथ किया जाए।
जागरूकता के लिए विशेष अपील
जनता को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा, “लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है। मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण एक स्वर्णिम अवसर है जब आप स्वयं अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।” उन्होंने आमजन से अपील की कि वे केवल प्रशासन के भरोसे न रहें, बल्कि स्वयं भी सक्रिय होकर अपनी और अपने परिवार की प्रविष्टियों की जांच करें। यदि किसी का नाम कट गया है या गलत छपा है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार करवा लें ताकि आगामी निर्वाचन में वे अपने मताधिकार का प्रयोग गर्व के साथ कर सकें।
निगरानी तंत्र रहा सक्रिय
अभियान की सफलता के लिए एक त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र बनाया गया था। सभी ईआरओ (ERO), एईआरओ (AERO) और बीएलओ सुपरवाइजर निरंतर भ्रमणशील रहे। इस दौरान न केवल प्रशासनिक अमला बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे इस सरकारी अभियान ने एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया।
निष्कर्ष: जालौन में चलाया गया यह अभियान केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी शुचिता की दिशा में एक बड़ा कदम है। जिस तरह से नागरिक और युवा वर्ग इसमें रुचि दिखा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में जनपद का मतदान प्रतिशत और भी बेहतर होगा।
मुहम्मद साजिद (मुख्य संस्थापक सीईओ), UP Samvad | उत्तर प्रदेश आधारित स्वतंत्र डिजिटल समाचार मंच। जनहित, तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों के साथ समाचारों के जिम्मेदार प्रकाशन हेतु प्रतिबद्ध।






