विज्ञापन | ADVERTISEMENT
बिसम्भर जनसेवा केंद्र विज्ञापन लियाकत टी स्टॉल बरेली विज्ञापन जनसेवा केंद्र विज्ञापन इंडियन मेडिकल स्टोर बरेली विज्ञापन
Administration Jalaun Konch Law & Justice News Politics Public Issues Uttar Pradesh

कोंच (जालौन): बिजली-पानी के संकट से जूझ रहे अन्नदाता, भारतीय किसान यूनियन ने SDM को सौंपा ज्ञापन

कोंच की गल्ला मंडी में आयोजित भारतीय किसान यूनियन की पंचायत के दौरान अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोशित किसान और पदाधिकारियों का समूह, साथ ही ज्ञापन सौंपते हुए किसान प्रतिनिधि

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

​कोंच (जालौन)। जनपद के कोंच तहसील क्षेत्र में इन दिनों किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक तरफ जहां फसलों की कटाई और बुवाई का पीक सीजन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती और सिंचाई के साधनों की बदहाली ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। इसी गंभीर समस्या के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (BKU) की मासिक पंचायत गल्ला मंडी परिसर में आयोजित की गई। गणेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में किसानों ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।

​कृषि कार्यों पर संकट के बादल

​पंचायत के दौरान मौजूद किसानों ने एक स्वर में बिजली और पानी की बदतर स्थिति पर चिंता जताई। किसानों का कहना है कि वर्तमान में गेहूं और मटर की फसलों की कटाई का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि साथ ही साथ ‘मूंग’ की बुवाई का सीजन भी चल रहा है। इस समय खेतों को पानी की अत्यंत आवश्यकता है, लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने सब कुछ ठप कर दिया है।

​किसानों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में मात्र 7 से 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है, जो कि सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। नलकूपों के खराब होने और नहरों में पानी की कमी ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया है। यदि समय रहते पानी और बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में मूंग की फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है।

​प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें

​पंचायत के उपरांत, किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रशासन को दी गई चेतावनी में समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई है, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • ​बिजली आपूर्ति में वृद्धि: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को बंद कर समुचित घंटों तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
  • ​जर्जर लाइनों का सुधार: तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिछी पुरानी और जर्जर विद्युत लाइनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि आए दिन होने वाले फॉल्ट से निजात मिल सके।
  • ​सिंचाई की व्यवस्था: नहरों में टेल तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि दूर-दराज के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके।
  • ​नलकूपों और हैंडपंपों की मरम्मत: खराब पड़े नलकूपों और हैंडपंपों को तत्काल प्रभाव से ठीक कराया जाए ताकि पेयजल और सिंचाई की समस्या कम हो सके।

​बड़ी संख्या में मौजूद रहे किसान प्रतिनिधि

​ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिष्टमंडल में भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह पटेल, महासचिव डॉ. पीडी निरंजन, नंदकुमार तिवारी, जगत सिंह कुशवाहा, सुभाष परैथा, श्यामसुंदर निरंजन, अवध किशोर, भगवान सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश कुमार, रामकिशोर, नितेश व्यास, बांके बिहारी, कौशल किशोर, अरविंद, सुभाषचंद्र और वीरेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के दर्जनों किसान मौजूद रहे।

​किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

About The Author

Leave a Reply