कोंच: लापरवाही की हद! खुले सीवर चेंबर में फंसी स्कूल वैन, बाल-बाल बचे स्कूली बच्चे; चीख-पुकार से दहला मोहल्ला

कोंच(जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच नगर में शनिवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। स्थानीय प्रशासन और जल संस्थान की संवेदनहीनता के कारण मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई। नगर के मोहल्ला प्रताप नगर में सड़क के बीचों-बीच खुले पड़े एक गहरे सीवर चेंबर में स्कूली बच्चों से भरी वैन धंस गई। इस घटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया और स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश के बाद प्रशासन की नींद टूटी।
सुबह-सुबह मची चीख-पुकार
शनिवार की सुबह हर रोज की तरह बच्चे स्कूल वैन में सवार होकर अपने स्कूल जा रहे थे। जैसे ही वैन मोहल्ला प्रताप नगर स्थित आनंदी माता मंदिर के पास पहुंची, सड़क के बीचों-बीच खुला पड़ा मौत का गड्ढा (सीवर चेंबर) वैन के टायर की चपेट में आ गया। वैन का एक हिस्सा अचानक चेंबर में धंस गया, जिससे गाड़ी जोर से झटके के साथ झुक गई।
वैन के अंदर बैठे छोटे-छोटे बच्चे इस अचानक हुए हादसे से बुरी तरह डर गए और चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की रोने और चीखने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।
मोहल्ले वासियों ने दिखाया साहस, बच्चों को निकाला सुरक्षित
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वैन की घेराबंदी की। डरे-सहमे और रोते-बिलखते बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में दो बच्चों को मामूली चोटें (चुटहिल) आई हैं। सूचना मिलते ही बदहवास अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए और अपने बच्चों को लेकर घर गए। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद वैन को चेंबर से बाहर निकलवाया।
चेतावनी के बाद भी सोता रहा विभाग
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि प्रशासन को इस खतरे की जानकारी पहले से थी। शुक्रवार की रात आनंदी माता मंदिर के पास बने इस सीवर चेंबर का ढक्कन अचानक टूट गया था। संकरी सड़क होने के कारण स्थानीय निवासियों ने रात में ही ईंट-पत्थर रखकर अस्थायी घेराबंदी कर दी थी ताकि कोई गिर न जाए।
इतना ही नहीं, मोहल्ले के निवासी और पूर्व सभासद अमित रावत ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पहले ही स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत देकर सीवर चेंबर की खराब हालत के बारे में अवगत कराया था। लेकिन ‘कुंभकर्णी नींद’ में सो रहे जल संस्थान के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अमित रावत का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अधिकारियों की अनदेखी ने आज मासूमों की जान को खतरे में डाल दिया।
खानापूर्ति के लिए डाला पत्थर का टुकड़ा
हादसे और लोगों के भारी आक्रोश के बाद जब प्रशासन को सूचना मिली, तब कहीं जाकर जल संस्थान की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, समाधान के नाम पर विभाग ने एक बार फिर लापरवाही का परिचय दिया। चेंबर पर कोई मजबूत ढक्कन लगाने के बजाय, उसके ऊपर एक बड़ा चट्टान का टुकड़ा (पत्थर) रख दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पत्थर अब और भी बड़े हादसों को दावत दे रहा है, क्योंकि रात के अंधेरे में कोई भी वाहन चालक इस पत्थर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
प्रताप नगर के निवासियों में जल संस्थान और नगर पालिका के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का कहना है कि शहर में कई जगहों पर सीवर चेंबर खुले पड़े हैं या उनके ढक्कन टूटे हुए हैं, जो किसी भी समय बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सभी चेंबरों को मानक के अनुसार दुरुस्त किया जाए।
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