​कोंच: ‘शिक्षा ही उन्नति का आधार’, भारतीय बाल्मीकि कल्याण महासभा के 9वें स्थापना दिवस पर समाज को कुरीतियों से मुक्त करने का संकल्प

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कोंच के सरोजनी नायडू पार्क में भारतीय बाल्मीकि कल्याण महासभा के स्थापना दिवस पर केक काटते पदाधिकारी व अतिथि।

कोंच (जालौन): नगर के ऐतिहासिक सरोजनी नायडू पार्क में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सामाजिक समागम का आयोजन किया गया। अवसर था ‘भारतीय बाल्मीकि कल्याण महासभा’ के 9वें स्थापना दिवस का। इस भव्य समारोह में बाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर अपनी एकता प्रदर्शित की और संगठन की पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए भविष्य की रूपरेखा तैयार की। कार्यक्रम की गरिमा देखते ही बन रही थी, जहाँ युवाओं और बुजुर्गों ने कंधे से कंधा मिलाकर समाज के उत्थान का संकल्प लिया।

श्रद्धांजलि और शुभारंभ

​समारोह की शुरुआत अत्यंत गरिमामयी ढंग से की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे मंडल उपाध्यक्ष दीपू पेंटर ने अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि बाल्मीकि के चित्रों पर माल्यार्पण किया। उपस्थित जनसमूह ने इन महापुरुषों के जयकारों के साथ उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके पश्चात, महासभा के 9 सफल वर्ष पूर्ण होने की खुशी में सामूहिक रूप से केक काटा गया और एक-दूसरे को बधाई दी गई।

कुरीतियों के उन्मूलन पर प्रहार

​स्थापना दिवस के मंच से समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों पर वक्ताओं ने तीखा प्रहार किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बाल्मीकि समाज को मुख्यधारा में पूरी मजबूती से जुड़ने के लिए अपनी आंतरिक कमजोरियों को दूर करना होगा। वक्ताओं ने नशाखोरी, फिजूलखर्ची और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को त्यागने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि दीपू पेंटर ने अपने संबोधन में कहा कि “कोई भी समाज तब तक वास्तव में स्वतंत्र या विकसित नहीं कहला सकता, जब तक वह पुरानी और रूढ़िवादी बेड़ियों में जकड़ा हो। हमें अपनी सामाजिक शक्ति का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करना चाहिए।”

शिक्षा: सफलता की एकमात्र कुंजी

​समारोह का मुख्य केंद्र ‘शिक्षा’ रही। महासभा के पदाधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति गंभीर रहें। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विषम क्यों न हों, रोटी कम खाएं लेकिन बच्चों को विद्यालय जरूर भेजें। वक्ताओं ने तर्क दिया कि बाबा साहेब अंबेडकर का ‘शिक्षित बनो’ का संदेश ही समाज को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक न्याय दिला सकता है। समाज के शिक्षित युवा ही आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर समाज के कई प्रमुख चेहरे और संगठन के स्तंभ मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन और प्रबंधन जिलाध्यक्ष नरेंद्र आगवान के नेतृत्व में हुआ। उनके साथ राजू बग्गन, अमर सिंह और नगर अध्यक्ष रामबाबू नाहर ने संगठन की मजबूती पर विचार रखे। समारोह में भीमू मिहोलिया, नीरज बाल्मीकि, शिवा नाहर, विशाल करौसिया, नरेश नरया, कपिल, आशीष बाल्मीकि, अवध किशोर, बुद्धसिंह, अजय आगवान और नैतिक सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संगठन का भविष्य और संकल्प

​महासभा के 9वें वर्षगांठ के इस मौके पर यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में संगठन गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएगा और बाल्मीकि समाज के युवाओं को सरकारी योजनाओं और रोजगार के प्रति जागरूक करेगा। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित सदस्यों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाएंगे और महासभा के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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