कोंच समाधान दिवस: शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश, 15वें वित्त आयोग की धनराशि के दुरुपयोग का उठा मामला प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच 14 में से 5 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन के मंशानुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए शनिवार को कोंच तहसील कार्यालय में तहसील स्तरीय ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान तहसीलदार वीरेंद्र प्रसाद और क्षेत्राधिकारी (सीओ) परमेश्वर प्रसाद भी मौजूद रहे। दिवस के दौरान कुल 14 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष 9 शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण हेतु प्रेषित किया गया।
विभागवार शिकायतों का विवरण और निस्तारण की स्थिति
समाधान दिवस में मुख्य रूप से जमीनी विवाद और कानून व्यवस्था से जुड़े मामले छाए रहे। प्राप्त विवरण के अनुसार, पुलिस विभाग से संबंधित 5 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि राजस्व विभाग से जुड़ी 4 शिकायतें सामने आईं। इसके अतिरिक्त अन्य विकास खंडों और विभागों से संबंधित 5 अन्य प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। मौके पर निस्तारित न हो पाने वाली शिकायतों के लिए एसडीएम ज्योति सिंह और सीओ परमेश्वर प्रसाद ने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।
नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप: कांग्रेस नेता ने की जांच की मांग
इस समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया जब कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रामकिशोर पुरोहित ने एडीएम को एक शिकायती पत्र सौंपकर नगर पालिका परिषद कोंच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। श्री पुरोहित ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का बंदरबांट और दुरुपयोग किया जा रहा है।
शिकायती पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि नियमानुसार इस बजट का उपयोग जल संचय, स्वच्छता प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे जनहित के कार्यों में होना चाहिए। इसके विपरीत, नगर पालिका द्वारा खेतों में इंटरलॉकिंग बिछाने का कार्य कराया जा रहा है, जिसका कोई तार्किक या सार्वजनिक लाभ नहीं है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की है।
अधिकारियों का सख्त रुख: गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
समाधान दिवस के समापन पर एसडीएम ज्योति सिंह ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया। उन्होंने कहा, “शासन की प्राथमिकता जनता की संतुष्टि है। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न होकर धरातल पर होना चाहिए।” उन्होंने निर्देश दिया कि निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और शिकायतकर्ता को कार्यवाही की समुचित जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाए।
सीओ परमेश्वर प्रसाद ने भी पुलिस विभाग के उपनिरीक्षकों को निर्देशित किया कि वे आपसी विवादों और दबंगई से संबंधित मामलों में मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सुनें और कानून के दायरे में रहकर न्यायोचित समाधान निकालें। इस अवसर पर तहसील और ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






