नन्ही वेदिका की अद्भुत मेधा: जिलाधिकारी के सामने फर्राटे से सुनाए कठिन पहाड़े, डीएम ने थपथपाई पीठ

उरई (जालौन): ग्रामीण अंचल में प्रतिभा की गूँज
जनपद जालौन के विकासखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरखेरा में शिक्षा की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने न केवल प्रशासन बल्कि आम जनमानस का दिल जीत लिया। निरीक्षण पर निकले जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय उस समय मंत्रमुग्ध रह गए, जब कक्षा 3 की एक नन्ही छात्रा ने उनके सामने गणित की जटिलताओं को बड़ी ही सहजता से हल कर दिया। यह वाकया अब पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता पर मुहर लगा रहा है।
आत्मविश्वास से भरी ‘नमस्ते’ और जिज्ञासा का मेल
निरीक्षण के दौरान जैसे ही जिलाधिकारी का काफिला ग्राम पंचायत बरखेरा के परिसर में पहुँचा, वहाँ मौजूद ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच एक छोटी सी बच्ची, वेदिका, ने अपने निडर व्यक्तित्व का परिचय दिया। वेदिका ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जिलाधिकारी को “नमस्ते” किया। जिलाधिकारी, जो अपनी संवेदनशीलता और जन-संवाद के लिए जाने जाते हैं, ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची का अभिवादन स्वीकार किया। यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा संवाद, जिसने प्राथमिक शिक्षा के स्तर को एक नई ऊँचाई पर प्रदर्शित किया।
09 से लेकर 19 तक: कठिन पहाड़ों की अग्निपरीक्षा
जिलाधिकारी ने वेदिका से सहजता से बात करते हुए उसका परिचय पूछा। वेदिका ने बिना किसी झिझक के बताया कि वह स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 की छात्रा है। उसकी सजगता देख जिलाधिकारी ने उसकी गणितीय क्षमता को परखने का निर्णय लिया।
- सबसे पहले डीएम ने 09 का पहाड़ा सुनाने को कहा, जिसे वेदिका ने एक ही सांस में पूरा कर दिया।
- इसके बाद चुनौती बढ़ी और 16 का पहाड़ा पूछा गया। यहाँ भी वेदिका की एकाग्रता नहीं डिगी।
- अंत में, जिलाधिकारी ने 17 और 19 जैसे कठिन पहाड़े सुनाने की चुनौती दी। आमतौर पर इन पहाड़ों में बड़ी कक्षाओं के छात्र भी अटक जाते हैं, लेकिन वेदिका ने फर्राटेदार तरीके से इन्हें पूरा सुनाकर सबको हैरत में डाल दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने की सराहना
बच्ची की इस असाधारण स्मृति और गणितीय पकड़ को देखकर मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण दंग रह गए। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने वेदिका की पीठ थपथपाई और उसे उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
ग्रामीण शिक्षा की सशक्त तस्वीर
इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए जिलाधिकारी ने कहा, “वेदिका जैसी प्रतिभाएं यह साबित करती हैं कि हमारे ग्रामीण अंचल के बच्चों में असीमित क्षमताएं हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो वे दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी मेधा का लोहा मनवा सकते हैं।” उन्होंने शिक्षकों की भी सराहना की, जिनके समर्पण से बच्चों में इस स्तर का आत्मविश्वास पैदा हो रहा है।
यह प्रेरक दृश्य न केवल शिक्षा के प्रति बच्चों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है, बल्कि मिशन कायाकल्प और बेसिक शिक्षा विभाग के प्रयासों की सफलता को भी रेखांकित करता है। बरखेरा की नन्ही वेदिका अब अन्य बच्चों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






