नवाचार की उड़ान: मदर्स प्राइड पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य समापन, नन्हे वैज्ञानिकों की मेधा देख गदगद हुए अतिथि

0
मदर्स प्राइड पब्लिक स्कूल कोंच में विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए मॉडलों का निरीक्षण करते विधायक मूलचंद्र निरंजन और पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता

कोंच (जालौन): शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह माध्यम है जो विद्यार्थी की कल्पना को धरातल पर उतारने का साहस देती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण उरई रोड स्थित मदर्स प्राइड पब्लिक स्कूल में देखने को मिला, जहाँ आयोजित दो दिवसीय विशाल विज्ञान प्रदर्शनी का शुक्रवार को गरिमामयी समापन हुआ। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी सृजनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का ऐसा परिचय दिया कि मुख्य अतिथियों समेत अभिभावक भी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए।

अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और उत्साहवर्धन

​प्रदर्शनी के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और विद्यालय के संरक्षक विनोद पांडे ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों ने प्रदर्शनी के प्रत्येक स्टाल पर जाकर बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया और उनसे उनकी कार्यप्रणाली के बारे में प्रश्न भी पूछे।

विधायक का संबोधन: “सृजनात्मकता ही भविष्य की नींव”

​छात्रों को संबोधित करते हुए विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा, “इन मॉडलों को देखकर यह स्पष्ट है कि बच्चों ने इसके पीछे कड़ी मेहनत और गहरा शोध किया है। यह केवल थर्माकोल और कार्डबोर्ड के ढांचे नहीं हैं, बल्कि इनके भीतर छिपी हुई बच्चों की अद्भुत सृजनात्मकता है। ग्रामीण अंचल के बच्चों में ऐसी प्रतिभा गौरव का विषय है।”

​वहीं पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आज के ये नन्हे बच्चे ही कल के महान वैज्ञानिक बनेंगे। उनकी कल्पना शक्ति उनकी आयु से कहीं अधिक परिपक्व है, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

आकर्षण का केंद्र रहे ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘टेस्ला क्वाइल’ जैसे मॉडल

​प्रदर्शनी में सौ से अधिक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तकनीकी और वैज्ञानिक जटिलताओं को सरलता से समझाने वाले कई मॉडलों ने खूब तालियां बटोरीं:

  • भूपेंद्र सिंह और अनुराग द्वारा तैयार किया गया टेस्ला क्वाइल आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
  • सहजेव और युगल ने भविष्य की आधुनिक जीवनशैली को दर्शाती ‘स्मार्ट सिटी’ का बेहतरीन मॉडल पेश किया।
  • ​पर्यावरण और भूगोल पर आधारित मॉडलों में संस्कृति, प्रसन्या, अनायता, रिद्धि और रोहानिका द्वारा निर्मित ‘सुनामी’ के मॉडल ने आपदा प्रबंधन की सीख दी।
  • अवनी, गौरी और सिद्धि ने डे-नाइट सिस्टम के जरिए पृथ्वी की गति को समझाया।
  • पावनी और पूर्वी ने जीव विज्ञान की जटिलता को डीएनए मॉडल के माध्यम से जीवंत किया।
  • ​इसके अलावा शास्वत (पेरिस्कोप), ओम, हर्षिता व नित्या (स्ट्रक्चर ऑफ फ्लावर) और वृद्धि व सौम्या (वाटर फंक्शन) के मॉडलों की भी सराहना की गई।

प्रबंधन और शिक्षकों का सराहनीय योगदान

​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विद्यालय के संरक्षक विनोद पांडे, प्रिंसिपल आनंद पांडे और प्रबंधक आदित्य पांडे ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विश्वनाथ दीक्षित, अजय और आभा के कुशल प्रबंधन की अतिथियों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

​इस अवसर पर शिक्षक रामू, अनुराग, अमित पिपरैया, अमन, सुमित, दीपक पटेल, हर्षित, अभिषेक, सौरभ, ऋतिक, असर, परवेज सहित शिक्षिकाएं नैंसी, विनीता, निशी, अंजली, ईशा, साक्षी, निकेता, लाली, शिवांगी, उमा, आरका, ममता, मोहिनी, ज्योति, स्नेहा, वंदना आदि मौजूद रहे। अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

Leave a Reply

You may have missed