शंकराचार्य के समर्थन में सड़कों पर उतरी कांग्रेस: जालौन कलेक्ट्रेट का घेराव कर निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध हाल ही में दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR) को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में राजनीतिक उबाल आ गया है। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि एक प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्तित्व के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल जल्दबाजी में की गई है, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं।
जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह सेंगर के नेतृत्व में बुधवार दोपहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता स्थानीय कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। हाथों में मांग पत्र लिए कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर ‘न्याय करो’ के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। कांग्रेस नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर वकालत की गई।
धार्मिक आस्था और लोकतांत्रिक गरिमा का हवाला
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने रेखांकित किया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद न केवल एक उच्च कोटि के सन्यासी हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के केंद्र भी हैं। जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह सेंगर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एक तरफ सरकार धर्म की रक्षा की बात करती है और दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धार्मिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को कानूनी उलझनों में फंसाया जा रहा है। इस एफआईआर ने देशभर के श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के मन में गहरा असंतोष और असुरक्षा पैदा की है।”
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के समक्ष तीन मुख्य मांगें रखी हैं, जिन्हें ज्ञापन में विस्तार से बताया गया है:
- स्वतंत्र और पारदर्शी जांच: शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज पूरे प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
- सत्य की स्थापना: जांच का एकमात्र उद्देश्य न्याय होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा को संतुष्ट करना।
- शिकायतकर्ताओं की पृष्ठभूमि की जांच: कांग्रेस ने मांग की है कि जिन व्यक्तियों ने यह एफआईआर दर्ज कराई है, उनकी पृष्ठभूमि और उनके संभावित उद्देश्यों की गहनता से पड़ताल की जाए। यह जानना आवश्यक है कि क्या यह किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है?
वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पुराने और दिग्गज चेहरों ने शिरकत की। प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर, राजेश प्रजापति, कुंवर सिंह कुशवाहा, और दुलीचंद विश्वकर्मा शामिल रहे। इनके अलावा मुन्ना खान, हीराचंद हौसला, मुख्तार, सुमित सम्राट, देवेंद्र, बाबू सिंह और आशीष सिंह बुंदेला सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर मामले को बड़ा राजनीतिक रूप दे दिया है।
निष्कर्ष और आगामी रुख
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी इस आंदोलन को ब्लॉक और तहसील स्तर तक ले जाएगी। फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर उसे उचित माध्यम से सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया है, लेकिन जालौन की इस घटना ने पूरे प्रदेश में शंकराचार्य के समर्थन में एक नई बहस छेड़ दी है।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






