सुशासन की मिसाल: जिलाधिकारी की जनसुनवाई में त्वरित न्याय, 90 वर्षीय बुजुर्ग को मिली ‘आवाज’ और बेसहारा महिला को मिला सहारा

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जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय कलेक्ट्रेट कार्यालय में वृद्ध व्यक्ति की समस्याएं सुनते हुए और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए।

उरई (जालौन): जनपद में जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा आयोजित जनसुनवाई ‘सुशासन’ की एक जीवंत मिसाल बन गई। सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चली इस सुनवाई में न केवल कागजी कार्रवाई हुई, बल्कि मौके पर ही मानवीय संवेदनाओं के साथ समस्याओं का समाधान कर फरियादियों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई गई।

22 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

​जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न सुदूर क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यथा सुनाई। कुल 30 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 22 का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया। शेष 8 शिकायतों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय सीमा के भीतर पारदर्शी समाधान के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि जनसमस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही अक्षम्य होगी। जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है।

बेसहारा मंजू देवी के लिए फरिश्ता बने जिलाधिकारी

​सुनवाई के दौरान ग्राम हरचंदपुर निवासी मंजू देवी (पत्नी स्वर्गीय राजू) का मामला अत्यंत भावुक कर देने वाला था। मंजू देवी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद वह दर-दर भटक रही हैं और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आज ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने भविष्य की सुरक्षा देखते हुए प्रोबेशन अधिकारी को ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ से बच्चों को जोड़ने और जिला पूर्ति अधिकारी को तत्काल राशन कार्ड बनाने के कड़े निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

90 वर्षीय रामनारायण को मिला ‘श्रवण यंत्र’ और ‘दृष्टि’ का उपहार

​जनसुनवाई की सबसे सुखद तस्वीर तब सामने आई जब तहसील कौंच के ग्राम सतोह निवासी 90 वर्षीय रामनारायण अपनी समस्या लेकर पहुंचे। शारीरिक रूप से अशक्त रामनारायण ने बताया कि उन्हें न तो ठीक से सुनाई देता है और न ही दिखाई देता है। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देशित किया कि बुजुर्ग को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।

​डीएम के निर्देश पर कुछ ही घंटों के भीतर स्वास्थ्य विभाग ने रामनारायण को श्रवण यंत्र (कान की मशीन) और नजर का चश्मा उपलब्ध कराया। इसके साथ ही, भविष्य में मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के लिए उनका आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड भी मौके पर ही बनाया गया। 90 साल की उम्र में मिली इस मदद से रामनारायण के चेहरे पर छाई खुशी प्रशासन के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बनी।

विभिन्न विभागों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

​जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, विद्युत, चकरोड विवाद और घरेलू हिंसा से संबंधित मामले भी प्रमुखता से आए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की और संबंधित थाना प्रभारियों व राजस्व अधिकारियों को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए जिससे पीड़ित पक्ष संतुष्ट हो सके।

​जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की इस कार्यशैली ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो, तो आम आदमी को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। आज की जनसुनवाई ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पाटने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

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