​उरई: घर लौटने की खुशी मातम में बदली; मुंबई से गोरखपुर जा रहे मजदूर की ट्रेन में संदिग्ध मौत

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उरई मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ी एंबुलेंस और मृतक मजदूर शमशेर के शव के पास कागजी कार्यवाही करती उरई पुलिस।

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए एक मजदूर की घर वापसी के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। मुंबई से गोरखपुर लौट रहे 56 वर्षीय मजदूर की कुशीनगर एक्सप्रेस में अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें उरई मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

सिलाई का काम कर चला रहे थे जीवन यापन

​मृतक की पहचान गोरखपुर जनपद के पिपराईच थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमेनी निवासी शमशेर (56 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शमशेर पिछले कई वर्षों से महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में रहकर सिलाई (टेलरिंग) का काम करते थे। शमशेर अविवाहित थे और अपनी मेहनत की कमाई से घर और परिवार का सहयोग करते थे। लंबे समय बाद वह अपनों के बीच लौटने के लिए बेहद उत्साहित थे।

कुशीनगर एक्सप्रेस में बिगड़ी तबीयत

​बीती 16 जनवरी को शमशेर मुंबई से कुशीनगर एक्सप्रेस में सवार होकर अपने पैतृक गांव गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे। सफर के दौरान जब ट्रेन जालौन जनपद की सीमा के आसपास पहुंची, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ट्रेन में मौजूद सहयात्रियों ने जब उनकी गंभीर हालत देखी, तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस और कंट्रोल रूम को दी।

​उरई स्टेशन के समीप पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें ट्रेन से उतारा और तत्काल उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में भर्ती कराया। हालांकि, अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुँचते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों में कोहराम, छोटे भाई ने जताया दुख

​शमशेर के निधन की सूचना मिलते ही गोरखपुर स्थित उनके गांव करमेनी में शोक की लहर दौड़ गई। उनके छोटे भाई नवी शेर ने बताया कि उनके भाई पूरी तरह स्वस्थ थे और घर लौटने को लेकर बहुत खुश थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि ट्रेन का यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा। शमशेर के अविवाहित होने के कारण पूरे परिवार के लिए यह क्षति और भी अधिक पीड़ादायक है।

पुलिस की कार्यवाही और पोस्टमॉर्टम का इंतजार

​मामले की जानकारी देते हुए उरई कोतवाली प्रभारी हरी शंकर चंद ने बताया कि यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में लंबी यात्रा की थकान या हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

​इस घटना ने एक बार फिर पलायन करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और सफर के दौरान मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं पर चर्चा छेड़ दी है।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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