उरई: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का भव्य समापन; जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सुरक्षा को बताया ‘जीवन का मूल मंत्र

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उरई पुलिस लाइन सभागार में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन अवसर पर शपथ लेते जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायकगण, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक

उरई (जालौन)। जनपद में बीते एक माह से चल रहे ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ (01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026) का शनिवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। इस समापन समारोह में न केवल बीते माह की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, बल्कि भविष्य के लिए सड़क सुरक्षा को एक सतत जनआंदोलन बनाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में जिले के शीर्ष जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने सड़क सुरक्षा के प्रति शासन और प्रशासन की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

सड़क सुरक्षा: एक अभियान नहीं, बल्कि सतत जिम्मेदारी

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचन्द्र निरंजन और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक महीने का औपचारिक अभियान नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की दैनिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब तक आमजन स्वयं यातायात नियमों को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक दुर्घटनाओं के आंकड़ों में स्थाई कमी लाना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और गति सीमा का पालन करना किसी कानूनी मजबूरी के बजाय ‘जीवन सुरक्षा’ के संकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए।

प्रशासनिक सतर्कता से दुर्घटनाओं में आई कमी

​जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने पिछले एक महीने के दौरान किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि जनवरी माह में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान, जन-जागरूकता रैलियों और शिक्षण संस्थानों में आयोजित गोष्ठियों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, जागरूकता के चलते जनवरी माह में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक ने यातायात विभाग और एनसीसी/एनएसएस के कैडेट्स की पीठ थपथपाते हुए कहा कि युवा शक्ति के सहयोग से ही समाज में बदलाव की लहर पैदा की जा सकती है।

एनसीसी कैडेट्स और सहयोगियों का सम्मान

​इस अवसर पर पूरे माह यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जन-जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एनएसएस व एनसीसी के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और जनपद के प्रमुख वाहन डीलर्स (टाटा, टोयोटा, जेएमके, टीवीएस, ध्रुवतारा, हीरो, होंडा आदि) को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रशासन ने माना कि इन हितधारकों (Stakeholders) के सक्रिय सहयोग के बिना अभियान की सफलता संभव नहीं थी।

शपथ के साथ अभियान का औपचारिक समापन

​समारोह के अंत में सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और छात्रों को ‘सड़क सुरक्षा शपथ’ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में यातायात नियमों के पालन और दूसरों को जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार, एआरटीओ राजेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्रप्रकाश और यातायात प्रभारी बीर बहादुर सिंह सहित यूपीडा व एनएचएआई के पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

​यह समापन समारोह इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि भले ही ‘सड़क सुरक्षा माह’ औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है, लेकिन सुरक्षित सफर का अभियान साल के 365 दिन जारी रहेगा।

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