उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर खरा उतरा जालौन; सीएम डैशबोर्ड में प्रदेश में छठा और विकास कार्यों में बना ‘नंबर वन’

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जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पाण्डेय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को विकास कार्यों और जनशिकायत निस्तारण के निर्देश देते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा तय किए गए विकास और सुशासन के मानकों पर जालौन जनपद ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (CM Dashboard) द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में जालौन ने प्रदेश के 75 जनपदों के बीच छठा स्थान प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विशेष रूप से, ‘विकास कार्यों’ की श्रेणी में जालौन जनपद पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है, जो जिले में हो रहे बुनियादी ढांचे और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

विकास कार्यों में प्रदेश का ‘सिरमौर’ बना जालौन

​मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, जालौन जनपद ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। जहाँ एक ओर जिले ने समग्र रैंकिंग में छठा स्थान पाया, वहीं विकास कार्यों की श्रेणी में प्रदेश के अन्य सभी जनपदों को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया है। राजस्व कार्यों के क्षेत्र में भी जिले का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, जहाँ इसे प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त हुआ है। प्रशासन की इस सफलता को पारदर्शी कार्यप्रणाली और निरंतर मॉनिटरिंग का प्रतिफल माना जा रहा है।

जिलाधिकारी ने टीम वर्क और विजन को दिया श्रेय

​जनपद की इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ और विकासोन्मुखी विजन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी शासन व्यवस्था और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से होने वाली सतत समीक्षा ने अधिकारियों को अधिक जवाबदेह बनाया है।

​जिलाधिकारी ने आगे कहा:

​”हमने शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक योजना को समयबद्ध और लक्ष्यबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर हमारा विशेष ध्यान रहा है। इसी का परिणाम है कि आज जालौन विकास की श्रेणी में नंबर वन पर है।”

आईजीआरएस में छठा और तहसील कोंच ने फिर रचा इतिहास

​जनशिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) के मोर्चे पर भी जालौन का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण के मामले में जालौन को प्रदेश में छठा स्थान मिला है। इसी कड़ी में जनपद की तहसील कोंच ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कोंच तहसील ने प्रदेश भर की तहसीलों की सूची में पुनः प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

​कोंच तहसील की इस सफलता के पीछे शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद, फील्ड स्तर पर त्वरित जांच और निस्तारण की गुणवत्ता को मुख्य कारण माना गया है। जिलाधिकारी ने कोंच तहसील के अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य तहसीलों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।

भविष्य की रणनीति: ‘अंतिम व्यक्ति’ तक लाभ पहुँचाना लक्ष्य

​प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह रैंकिंग केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाले समय में जालौन को सभी श्रेणियों में शीर्ष पर लाने के लिए और अधिक ठोस कार्ययोजना के साथ काम किया जाएगा। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। आईजीआरएस को जनसेवा का और अधिक सशक्त माध्यम बनाया जाएगा ताकि जनता और शासन के बीच का विश्वास और सुदृढ़ हो सके।

​इस उपलब्धि से न केवल प्रशासनिक अमले में उत्साह है, बल्कि जनपद के नागरिकों में भी सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।

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