युवाओं ने थामा सामाजिक परिवर्तन का संकल्प: सेठ बद्री प्रसाद महाविद्यालय में नशा मुक्ति शिविर संपन्न

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): वर्तमान परिवेश में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे खोखले होते समाज को बचाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इसी क्रम में स्थानीय सेठ बद्री प्रसाद महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वाधान में चतुर्थ सामान्य एक दिवसीय ‘नशा मुक्ति शिविर’ का भव्य आयोजन गुरुवार को किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

शिविर का विधिवत आरंभ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी हरिशंकर निरंजन की देखरेख में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और कॉर्डिनेटर कन्हैया नीखर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को अनुशासित और गरिमामयी बना दिया।
नशा: व्यक्ति, परिवार और समाज का विनाशक
उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कॉर्डिनेटर कन्हैया नीखर ने अत्यंत गंभीर लहजे में कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत बुराई नहीं, बल्कि एक भयावह सामाजिक अभिशाप है। उन्होंने रेखांकित किया कि, “नशा उस दीमक की तरह है जो व्यक्ति के शरीर को, परिवार की आर्थिक स्थिति को और समाज की नैतिक नींव को भीतर से खोखला कर देता है।” नीखर ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे केवल स्वयं को नशे से दूर न रखें, बल्कि एक ‘परिवर्तन दूत’ बनकर घर-घर जाएं और लोगों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली बर्बादी के प्रति सचेत करें।
स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रहार
कार्यक्रम अधिकारी हरिशंकर निरंजन ने वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि नशा सीधे तौर पर युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर प्रहार करता है। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नशे का त्याग अनिवार्य है। स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है जब हमारी युवा शक्ति व्यसनों से मुक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे।
स्वयंसेवकों ने लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन सत्र में महाविद्यालय के प्रांगण में एक अत्यंत भावुक और गौरवशाली दृश्य देखने को मिला, जब सभी स्वयंसेवकों ने एक स्वर में आजीवन नशा मुक्त रहने और दूसरों को इसके विरुद्ध जागरूक करने का सामूहिक प्रण लिया। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने आस-पास के वातावरण को व्यसन मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजेंद्र सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ. मनोज पटेल, डॉ. सत्यप्रताप, तैयबा सिद्दीकी, पूनम देवी, डॉ. शिवम सिंह, और संतोष रायकवार ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त राधेश्याम, राघवेंद्र पटेल, धर्मेंद्र कुमार, मनोज श्रीवास्तव, दिनेश बाबूजी, मनोहर प्रजापति, विवेक बाबू, राजकुमार, संदीप, संजय, कल्लू सिंह और नन्हे राजा सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
यह शिविर न केवल सूचनात्मक रहा, बल्कि इसने युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी जागृत किया। महाविद्यालय प्रशासन के इस प्रयास की क्षेत्र में काफी सराहना की जा रही है।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






