​15 साल का खौफनाक दर्द: जालौन में जबरन धर्म परिवर्तन और ठगी का शिकार हुआ गोपी, अब हुई ‘घर वापसी’

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जालौन उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन के शिकार पीड़ित गोपी अहिरवार।

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसने न केवल पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है, बल्कि मानवीय अधिकारों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दलित युवक ने आरोप लगाया है कि उसे पिछले 15 वर्षों से डरा-धमकाकर, आर्थिक रूप से लूटकर और जबरन धर्म परिवर्तन कराकर ‘दीन मुहम्मद’ बनाकर रहने पर मजबूर किया गया। 15 साल बाद साहस जुटाकर पीड़ित ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां किया है।

​साजिश, ठगी और जबरन खतना का आरोप

​पीड़ित गोपी अहिरवार, जो मूल रूप से कालपी तहसील के ग्राम मिनौरा का निवासी है और वर्तमान में उरई के बघौरा बाईपास पर रहता है, ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

​गोपी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की सूत्रधार रेशमा (पत्नी अहसान अली) नाम की महिला है। पीड़ित का आरोप है कि करीब 15 साल पहले रेशमा ने उसे अपने प्रभाव में लिया और डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसी दौरान गोपी की दो बीघा जमीन 10 लाख रुपये में बेची गई थी। नियमानुसार यह रकम दो भाइयों में बँटनी थी, लेकिन आरोप है कि रेशमा ने दबंगई और धमकी के बल पर पूरी धनराशि हड़प ली। आर्थिक रूप से कमजोर करने के बाद, गोपी पर दबाव बनाकर उसका जबरन खतना करा दिया गया और उसका नाम बदलकर ‘दीन मुहम्मद’ रख दिया गया।

​डर और दोहरी पहचान के बीच बीता डेढ़ दशक

​गोपी का दर्द यहीं कम नहीं हुआ। उसने बताया कि पिछले 15 सालों से वह एक दोहरी जिंदगी जीने को मजबूर था। समाज की नजरों में वह मुस्लिम बन चुका था, लेकिन उसके सरकारी दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) में आज भी उसका नाम गोपी अहिरवार ही दर्ज है। जब भी उसने वापस हिंदू धर्म अपनाने या पुलिस से शिकायत करने की कोशिश की, तो उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं।

​”मैं अपनी ही पहचान खो चुका था। हर दिन डर में बीतता था कि अगर मैंने विरोध किया तो मुझे खत्म कर दिया जाएगा।” — पीड़ित गोपी अहिरवार

​विश्व हिंदू परिषद ने कराई ‘घर वापसी’

​जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। विहिप कार्यकर्ताओं ने पीड़ित को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उरई स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय परिसर के हनुमान मंदिर में एक शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया।

​धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ गोपी की दाढ़ी कटवाई गई, उन पर गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराकर उनकी ‘घर वापसी’ कराई गई। इस भावुक क्षण में गोपी ने राहत की सांस ली और फिर से अपनी मूल पहचान के साथ जीने का संकल्प लिया।

​पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी और संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेने की मांग की है ताकि साजिश की पूरी परतें खुल सकें।

​पुलिस अधीक्षक के अनुसार, “शिकायत बेहद गंभीर है। जबरन धर्म परिवर्तन कानून (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act) और ठगी की धाराओं के तहत मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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